कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से देश भर में किसानों का ऋण माफ करने की मांग की है. सुश्री बनर्जी ने एक ट्वीट करते हुए कहा कि भारत सरकार को पूरे देश में किसानों का ऋण माफ कर देना चाहिए. जब किसान आंदोलन कर रहे हैं, तो भारत सरकार खामोश नहीं रह सकती है. केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि किसानों का वर्तमान संकट नोटबंदी के कारण है. उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल द्वारा एक आश्वासन दिया गया था आैर अब उन्हें पल्ला झाड़ने के बजाय अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करना होगा.
लंदन अग्निकांड : सीएम ने की लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना
कोलकाता. लंदन की एक बहुमंजिली इमारत में बुधवार सुबह लगी आग में फंसे लोगों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चिंता व्यक्त करते हुए प्रार्थना की. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट करते हुए कहा कि लंदन के एक टावर ब्लॉक में एक बड़ी आग लगने की रिपोर्ट देखी. हमारी प्रार्थनाएं लोगों के साथ हैं. सभी सुरक्षित रहें. गौरतलब है कि बुधवार सुबह लंदन की 24 मंजिली अपार्टमेंट की बिल्डिंग में भयावह आग लग गयी. आग की लपटें दूसरी मंजिल से टॉप फ्लोर तक दिखायी दे रही थीं. दमकलकर्मयिों को इमारत में फंसे लोगों को निकालने में काफी मेहनत करनी पड़ी. लंदन के मेयर सादिक खान ने ट्वीटर पर दिये गये एक बयान में कहा कि यह एक बड़ा हादसा है.
मुख्यमंत्री ने किया रक्तदान का आह्वान
कोलकाता. बुधवार को विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से रक्तदान कर जीवन की रक्षा करने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि गरमी के इस मौसम में रक्त की काफी कमी है, जिसे दूर करने के लिए राज्य सरकार भरसक प्रयास कर रही है. उन्होंने रक्तदान करने के लिए सरकारी कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों व तृणमूल कार्यकर्ताआें काे धन्यवाद दिया. ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व रक्तदाता दिवस पर बंगाल प्रशासन, पुलिस एवं तृणमूल कार्यकर्ताआें के प्रति आभार, जिन्होंने 15 दिनों में 60 हजार बोतल रक्तदान किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर गरमी में रक्त की कमी हो जाती है, इसलिए बंगाल भर में शिविर आयोजित किये जाते हैं. यह एक महान प्रयास है. हम सभी को जीवन की रक्षा के लिए रक्त देना चाहिए. गौरतलब है कि तृणमूल सरकार के छह वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में मुख्यमंत्री ने राज्य भर में रक्तदान शिविर आयोजित करने का आह्वान किया था. यह अभियान एक महीने तक चलेगा, जिसमें शामिल होने के लिए उन्होंने सरकारी कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों एवं तृणमूल कार्यकर्ताआें से आह्वान किया था.
