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आइएएस व आइपीएस अधिकारियों को फोन कर भाजपा के लिए काम करने का दिया जा रहा निर्देश

Updated at : 03 May 2024 2:05 AM (IST)
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आइएएस व आइपीएस अधिकारियों को फोन कर भाजपा के लिए काम करने का दिया जा रहा निर्देश

तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने केंद्र की मोदी सरकार पर अपना हमला जारी रखते हुए अब प्रशासनिक अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया है.

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-तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने लगाया आरोप

-साथ ही उन्होंने मोदी सरकार पर एससी, एसटी, ओबीसी को हाशिये पर धकेलने की कोशिश करने का आरोप लगाया

(एजेंसियां)

कृष्णानगर. राज्य की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने केंद्र की मोदी सरकार पर अपना हमला जारी रखते हुए अब प्रशासनिक अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया है. गुरुवार को नदिया के कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र के तेहट्ट में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदान के आंकड़ों में हेरफेर करने की भाजपा की रणनीति और राज्य में आइएएस और आइपीएस अधिकारियों को भाजपा नेताओं की कथित धमकियों के प्रति आगाह किया. उन्होंने कहा कि राज्य के मंत्रियों, अधिकारियों या लोगों पर नरेंद्र मोदी सरकार का डर, धमकी और दबाव पश्चिम बंगाल में नहीं चलेगा.

कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार महुआ मोइत्रा के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को हाशिये पर धकेलने का प्रयास करने का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने हाशिये पर पड़े समुदायों के लिए नागरिकता संबंधी फायदों के बारे में भाजपा सरकार के ‘झूठ’ को लेकर उस पर निशाना साधा. उन्होंने चेतावनी दी कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकार खतरे में पड़ सकते हैं.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूसीसी के फायदों के बारे में झूठ बोल रहे हैं कि इससे सभी को फायदा मिलेगा. यदि यूसीसी को लागू किया जाता है, तो इससे एससी, एसटी और ओबीसी का अस्तित्व खतरे में पड़ जायेगा. भाजपा संविधान को नष्ट कर देगी. लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे. ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले 10 वर्ष से भाजपा नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के माध्यम से मतुआ और अन्य पिछड़ी जातियों को नागरिकता मिलने के बारे में झूठ फैला रही है.

उन्होंने यह भी कहा कि यूसीसी विभिन्न समुदायों, जनजातियों और संप्रदायों को अपने स्वयं के रीति-रिवाजों का पालन करने से रोकेगा. उन्होंने वास्तविक मतदान के चार दिन बाद बढ़े हुए मतदान प्रतिशत की निर्वाचन आयोग की घोषणा पर हैरानी जतायी और कहा कि हालांकि वह निर्वाचन आयोग पर कोई आरोप नहीं लगा रही हैं, लेकिन उन्हें यह समझ से परे लगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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