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साइबर क्राइम : आसनसोल के लोगों से ठगी के 40 लाख रुपए पहुंचे दुबई, एक एजेंट गिरफ्तार

Updated at : 24 Mar 2024 3:30 PM (IST)
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साइबर क्राइम : आसनसोल के लोगों से ठगी के 40 लाख रुपए पहुंचे दुबई, एक एजेंट गिरफ्तार

साइबर क्राइम के जरिए जो पैसा दुबई गया, वह पैसा पहले हावड़ा के निवासी सोमनाथ चटर्जी के इंडसइंड बैंक कोलकाता शाखा में जमा हुआ था.

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पश्चिम बंगाल के आसनसोल कमिश्नरेट में अब तक की हुई सबसे बड़ी राशि (75,83,246 रुपये) की साइबर ठगी के तार दुबई से जुड़ जाने के कारण पुलिस की परेशानी बढ़ गयी है. साइबर क्राइम की उक्त राशि में से 40 लाख रुपये दुबई में ट्रांसफर हो गया. 13 लाख रुपये उत्तरप्रदेश में और 12 रुपये केरल में एक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुआ.

दुबई ट्रांसफर होने से पहले हावड़ा के बैंक अकाउंट में जमा हुए पैसे

दुबई में जो पैसा गया, वह पैसा पहले हावड़ा के निवासी सोमनाथ चटर्जी के इंडसइंड बैंक कोलकाता शाखा में जमा हुआ था. इस खाते से यह पैसा विभिन्न माध्यमों से दुबई पहुंच गया. दुबई में रहे इस कांड के मास्टरमाइंड का एजेंट भुवनेश्वर (ओड़िशा) के निवासी बादल पारीजा को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया.

जांच अधिकारी के अपील पर अदालत ने आरोपी को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा है. रिमांड अवधि में पुलिस को उससे काफी जानकारियां मिलने की उम्मीद है.

साइबर क्राइम : देबजानी को ने 75,83,246 रुपये का चूना लगाया

गौरतलब है कि आसनसोल साउथ थाना क्षेत्र के जेनेक्स एक्सोटिका में टावर चार के नौ डी आवास में रहनेवाली देबजानी बनर्जी को साइबर ठगों ने 75,83,246 रुपये का चूना लगाया था. श्रीमती बनर्जी ने अपनी शिकायत में बताया था कि दो दिसंबर 2023 को वह दो व्हाट्सएप ग्रुप्स में शामिल हुईं.

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स्टॉक मार्केट में जल्द मोटी कमाई की लालच में किया निवेश

यहां वह कुछ लोगों के संपर्क में आयीं. यहां उन्हें स्टॉक मार्केट में निवेश कर कम अवधि में अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया गया. जिसमें वह फंस गयी. 12 दिसंबर 2023 से 15 जनवरी 2024 तक अपने विभिन्न खातों से श्रीमती बनर्जी ने 75.83 लाख रुपये निवेश किया.

इस दौरान उन्हें 12,14,342 रुपये का मुनाफा भी मिला. मोटी रकम निवेश होते ही ठगों ने फोन बंद कर दिया. श्रीमती बनर्जी को समझ में आ गया कि वह ठगी की शिकार हो चुकी हैं. 16 जनवरी को उन्होंने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज करायी.

दुबई में बैठे शातिरों ने भारत में लोगों का खाता खुलवाने को नियुक्त कर रखे हैं एजेंट

श्रीमती बनर्जी के साथ हुई ठगी के 75.83 लाख रुपये में से 40 लाख रुपये इंडसइंड बैंक के एक ग्राहक सुब्रत चटर्जी के खाता में गया था. पुलिस ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया. जांच में पता चला कि वह व्यक्ति काफी गरीब है और पुरोहित का काम करता है. उसका खाता हावड़ा का निवासी सौरव दास ने खुलवाया था.

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दुबई में बैठे मास्टरमाइंड के भारत में हैं अनेकों एजेंट

जांच में पुलिस को पता चला कि दुबई में बैठे मास्टरमाइंड का इंडिया में अनेकों एजेंट हैं. जिसमें से भुवनेश्वर का निवासी बादल पारीजा एक है. पारीजा ने मास्टरमाइंड के निर्देश पर इंडिया में लोगों का खाता खुलवाता है. जिसमें साइबर ठगी का पैसा जाता है. यह पैसा विभिन्न माध्यमों से दुबई पहुंच जाता है.

खाता धारक को मिलता है 2 प्रतिशत कमीशन

खाताधारक के जमा हुई राशि का दो प्रतिशत कमीशन मिलता है. उस खाता में कितना रकम आ रहा है, कितना निकल रहा है? उसकी जानकारी खाता धारक को नहीं होती है. बादल पारीजा में बंगाल में लोगों का बैंक में खाता खुलवाने के लिए अपना एजेंट छोड़ रखा है. जिसमें हावड़ा का सौरव विश्वास, प्रणब मजूमदार, डानकुनी का संजय दास आदि को हैं. बादल से पुलिस को इस मामले में काफी जानकारी मिलने की उम्मीद है.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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