पुल नहीं तो दीवार लेखन नहीं, तुलसीबाड़ी गांव का अनोखा विरोध

Updated at : 19 Mar 2026 9:44 PM (IST)
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पुल नहीं तो दीवार लेखन नहीं, तुलसीबाड़ी गांव का अनोखा विरोध

रघुनाथपुर ब्लॉक-2 के तुलसीबाड़ी गांव में करीब छह हजार ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अनोखा विरोध दर्ज किया है.

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पुरुलिया.

रघुनाथपुर ब्लॉक-2 के तुलसीबाड़ी गांव में करीब छह हजार ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अनोखा विरोध दर्ज किया है. ग्रामीणों ने गांव की दीवारों पर किसी भी राजनीतिक दल के प्रचार पर रोक लगा दी है. विकास समिति की ओर से दीवारों पर साफ लिखा गया है कि पुल निर्माण नहीं होने तक सभी प्रकार की वॉल राइटिंग और चुनावी प्रचार पर पाबंदी रहेगी.

पुल नहीं होने से बढ़ती परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार कांजीहारा जोड़, जो दामोदर नदी की एक सहायक धारा है, मानसून में रास्ता बंद कर देती है. इससे चेलियामा ब्लॉक मुख्यालय तक सीधा संपर्क टूट जाता है. लोगों को 10-12 किमी घूमकर स्कूल, कॉलेज और अस्पताल पहुंचना पड़ता है. बारिश के दौरान नाव से नदी पार करना पड़ता है, जिससे जोखिम बढ़ जाता है.

वादों पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से जिला प्रशासन और सरकारों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. पूर्व लोकसभा चुनाव में भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने पुल बनाने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ.

आरोप-प्रत्यारोप जारी

भाजपा नेताओं का कहना है कि केंद्र की ओर से पहल की गयी थी, लेकिन राज्य सरकार ने जमीन को लेकर एनओसी नहीं दिया. वहीं तृणमूल की ओर से कहा गया कि केंद्र ने इस दिशा में आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं की.

वोट को लेकर भी चेतावनी

स्थानीय निवासियों ने साफ कहा कि वे उसी उम्मीदवार को वोट देंगे जो उनकी समस्या का समाधान करेगा. साथ ही चेतावनी दी गयी है कि यदि पुल निर्माण शुरू नहीं हुआ तो मतदान को लेकर भी अनिच्छा जतायी जा सकती है.

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