पानागढ़ रेलवे की ओर से भूमि अधिग्रहण किए जाने के खिलाफ लोगों ने डीआरएम से लगाई गुहार

पश्चिम बंगाल के पानागढ़ रेलवे स्टेशन के उत्तर दिशा में मौजूद रेलवे कैनल से लेकर पानागढ़ आरपीएफ पोस्ट तक रेलवे द्वारा भूमि अधिग्रहण किए जाने के खिलाफ इलाके के लोगों ने डीआरएम समेत अन्य अधिकारियों के पास गुहार लगाई है.
West Bengal: पानागढ़ रेलवे स्टेशन के उत्तर दिशा में मौजूद रेलवे कैनल से लेकर पानागढ़ आरपीएफ पोस्ट तक रेलवे द्वारा भूमि अधिग्रहण किए जाने के खिलाफ इलाके के लोगों ने डीआरएम समेत अन्य अधिकारियों के पास गुहार लगाई है. बताया जा रहा है कि यदि रेलवे दीवार बना देती है तो कई दर्जन लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो जाएगा . ऐपीसे में लोगों की समस्या और कठिनाई को देखते हुए डीआरएम आसनसोल, राज्य के ग्रामीण पंचायत मंत्री प्रदीप मजमुदर, समेत रेलवे के आसनसोल डिवीजन के अन्य अधिकारियों को इलाके के लोगों ने मासपेटिशन कर लिखित रूप से गुहार लगाया है ताकि उन्हें कम से कम घर से बाहर निकलने तथा इमरजेंसी में एंबुलेंस से आने-जाने का सेवा प्रदान करने के लिए रास्ता छोड़ा जाए . हालांकि इस बीच दीवार बनाने के लिये कार्य शुरु कर दिया गया है.
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मामले को लेकर दुर्गापुर बर्दवान भाजपा सांसद सुरेंद्र सिंह अहलूवालिया को भी गुहार लगाया गया है. स्थानीय लोगों में शशि भूषण पांडे, ब्रिजेश सिंह, उमा शंकर मिश्रा, राज गुरु विश्वकर्मा,जीत नारायण मंडल,राधेश्याम यादव ने बताया की यदि रेलवे बाउंड्री वाल कर देता है तो हम लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाएगा. आज 50 साल से इसी रास्ते से हम लोग आना-जाना करते हैं .पंचायत से इस रास्ते का हमेशा मरम्मत भी करवाया जाता है .बावजूद इसके रेल द्वारा पहले से ही एक बाउंड्री वाल किया हुआ है. इसके बाद फिर बाउंड्री वाल कर हम लोगों का रास्ता बंद करने से हम लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी.
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रेलवे के आसनसोल डीआरएम समेत अन्य अधिकारियों को मानविक रूप से रास्ता छोड़ने हेतु आवेदन किया गया है. ताकि हम लोग घर से बाहर निकल कर आना -जाना कर सके.स्थानीय लोगों का कहना है की इस बाबत इससे पहले भी 24 जून 2019 को एक पिटीशन किया गया था. इसके बाद मामला शांत हो गया था. अब एक बार फिर उक्त रास्ते को घेरने के लिए रेलवे ने काम शुरू कर दिया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस रास्ते को लेकर रेलवे अपनी भूमि होने का दावा कर रहा है उस जमीन का कोई दस्तावेज नहीं है. वहीं स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि एसएसई पानागढ़ स्वयं अपनी रेल भूमि के बारे में स्पष्ट नहीं है.
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रिपोर्ट : मुकेश तिवारी
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