लालन शेख की मौत मामले में एफआईआर को लेकर जज ने लगाई फटकार, CID के डीआईजी के नेतृत्व में होगी जांच

पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट बागतुई नरसंहार मामले में गिरफ्तार मूल आरोपी लालन शेख मामले में एफआईआर को लेकर जज ने लगाई फटकार.सीआईडी ने जज को कहा कि रेशमा की मानसिक स्थिति खराब है.
पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट बागतुई नरसंहार मामले में गिरफ्तार मूल आरोपी लालन शेख की सीबीआई हिरासत में हुई अस्वाभाविक मौत की घटना को लेकर सीबीआई पर मृतका की पत्नी रेशमा बीबी द्वारा किए गए हत्या के एफआईआर कॉपी को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट के जज ने रेशमा बीबी समेत सीआईडी को फटकार लगाया. लालल शेख की मौत मामले में सीआईडी जांच से कलकत्ता उच्च न्यायालय बिल्कुल भी खुश नहीं है. एफआईआर का बयान किसने लिखा ? जज ने लालन शेख की पत्नी रेशमा से पूछा. सीआइडी द्वारा की जा रही जांच को लेकर जज ने नाराजगी जताते हुए मामले को लेकर सीआईडी के डीआईजी को उचित जांच की जिम्मेदारी दी है. डीआईजी के नेतृत्व में ही सीआईडी मामले की जांच जारी करेगी.
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बताया जाता है की कलकत्ता हाई कोर्ट में शुक्रवार को लालन शेख मौत मामले की सुनवाई चल रही थी. जस्टिस जय सेनगुप्ता ने सीधे लालन की पत्नी रेशमा बीबी से पूछा, जिन्होंने उन्हें सीबीआई अधिकारियों के नंबर दिए. इसके बाद मामला एफआईआर का आया. जज ने पूछा, एफआईआर किसने लिखी ? लालन की पत्नी ने कहा कि उसे नहीं पता कि इसे किसने लिखा है. जज ने फिर कहा, रेशमा ने कहा मुझे नहीं पता कि इसे किसने लिखा है? क्या आपने किसी अजनबी को लिखा है? रेशमा ने कहा, मैं रो रही थी. हाथ कांप रहे थे . कोई मदद करो. उसके बाद सीआईडी से पूछा गया कि रेशमा बीबी का बयान दर्ज हुआ या नहीं.
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सीआईडी ने जज को कहा कि रेशमा की मानसिक स्थिति खराब है. इसलिए बयान दर्ज नहीं किया गया. इस पर जज नाराज हो गए और बोले, ये दो दिन से यहां आ रही हैं. और अगर वह बयान देने के लिए अस्वस्थ हैं तो आप उन्हें यहां क्यों ला रहे हैं ? सीबीआई ने शुक्रवार को ही हलफनामा पेश किया था. वकील डीपी सिंह ने कहा, प्राथमिकी से स्पष्ट है कि यह राज्य के अधिकारियों और पुलिस द्वारा किया गया था. पोस्टमार्टम से पता चला कि लालन ने आत्महत्या की थी. उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से लेकर दफनाने तक राज्य सरकार के अधिकारियों के नियंत्रण में था. सीबीआई के लिए इस दौरान कुछ नहीं की है. सीबीआई ने कहा की घटना के दिन जो प्रभारी थे, उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है. इस दौरान जज ने कहा, मैं इस जांच से बिल्कुल भी खुश नहीं हूं. मैं इस जांच को सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारी को सौंप दूंगा. सीबीआई के आरोपों के खिलाफ राज्य सरकार 30 दिसंबर को हलफनामा दाखिल करेगी.
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रिपोर्ट : मुकेश तिवारी पानागढ़
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By Shinki Singh
10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.
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