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West Bengal news : लालन शेख मामले में हाईकोर्ट ने सीआईडी की जांच को बहाल रखा

Updated at : 21 Dec 2022 3:24 PM (IST)
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West Bengal news : लालन शेख मामले में हाईकोर्ट ने सीआईडी की जांच को बहाल रखा

पश्चिम बंगाल में सीबीआई हिरासत में बागतुई नरसंहार मामले के मूल आरोपी लालन शेख की अस्वाभाविक मौत के मामले की जांच सीआईडी ही करेगी. लालन की मौत को लेकर कोर्ट में केस भी फाइल किया गया है. इस घटना में वकील सब्यसाची चटर्जी ने जनहित याचिका दायर की थी.

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पश्चिम बंगाल में सीबीआई हिरासत में बागतुई नरसंहार मामले के मूल आरोपी लालन शेख की अस्वाभाविक मौत के मामले की जांच सीआईडी करेगी. गौरतलब है कि सीआईडी को उक्त मामले से हटाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट याचिका दायर की गई थी. हाईकोर्ट ने उक्त मामले को खारिज करते हुए बागतुई नरसंहार के मूल आरोपी लालन शेख की मौत के मामले को सीआईडी द्वारा ही जांच को बहाल रखा गया है. लालन शेख की मौत की न्यायिक जांच का अनुरोध खारिज कर दिया गया है.

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लालनशेख मामले की जांच सीआईडी ही करेगी

फिलहाल, कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के आदेश की जांच सीआईडी ही करेगी.लालन शेख की सीबीआई हिरासत में मौत पर राज्य में हंगामा मच गया था. सीबीआई अधिकारियों ने दावा किया कि यह आत्महत्या थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि लालन की हत्या की गई है. लालन की मौत को लेकर कोर्ट में केस भी फाइल किया गया है. इस घटना में वकील सब्यसाची चटर्जी ने जनहित याचिका दायर की थी. उन्होंने कहा, सीआईडी ​​और सीबीआई के बीच टकराव था और है. बागतुई में हुई घटना के पीछे साजिश थी.

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कोर्ट ने दायर जनहित याचिका को किया खारिज

बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सब्यसाची चटर्जी द्वारा दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया. बताया गया है कि सीआईडी ​​की जांच जारी रहेगी. यानी जांच जैसी चल रही है, वैसे ही चलती रहेगी. गौरतलब हो कि 21 मार्च को तृणमूल नेता तथा उप प्रधान भादू शेख की उनके घर के सामने हत्या कर दी गई थी. हत्या के समय भादू लालन के साथ था. भादू की हत्या के बाद बागतुई गांव में नरसंहार हुआ था. लालन को इस नरसंहार मामले में मूल आरोपी के रूप में शामिल होने के मामले में नौ महीने बाद 3 दिसंबर को झारखंड से गिरफ्तार किया गया था.

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रिपोर्ट : मुकेश तिवारी पानागढ़

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Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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