जामुड़िया में भाजपा-तृणमूल कर्मियों में झड़प, कई घायल

Updated:
विज्ञापन
जामुड़िया में भाजपा-तृणमूल कर्मियों में झड़प, कई घायल

रणक्षेत्र बना जामुड़िया बीडीओ ऑफिस, उत्तेजना के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात

विज्ञापन

जामुड़िया. जामुड़िया ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय में सोमवार को एसआइआर सुनवाई के दौरान राजनीतिक सरगर्मी ने हिंसक रूप ले लिया. फॉर्म-7 (मतदाता सूची से नाम हटाने का आवेदन) जमा करने को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच जम कर मारपीट हुई. इसमें दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ताओं को चोट लगी, जिसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल को तैनात करना पड़ा.

भाजपा का आरोप : लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन व गुंडागर्दी

भाजपा के बीएलए-1 हिरण्मय बनर्जी और नेता संतोष सिंह ने आरोप लगाया कि ईआरओ के निर्देशानुसार वे उन मतदाताओं की सूची (फॉर्म-7) लेकर आए थे, जो इलाके में नहीं रहते या जिनके नाम फर्जी हैं. भाजपा का दावा है कि तृणमूल ब्लॉक दो के अध्यक्ष सिद्धार्थ राणा के नेतृत्व में असामाजिक तत्वों ने कार्यालय को घेर रखा था. जैसे ही भाजपा कार्यकर्ता अंदर जाने लगे, उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया. संतोष सिंह ने कहा, “तृणमूल शासन में लोकतंत्र की हत्या हो रही है. हम इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे और फॉर्म जमा करने की तिथि बढ़ाने की मांग करेंगे। “

तृणमूल का पलटवार : भाजपा ने महिलाओं से की बदसलूकी

दूसरी ओर, जामुड़िया के विधायक हरेराम सिंह और नेता गोपी पात्र ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. विधायक हरेराम सिंह ने कहा, “कुछ महिलाएं कार्यालय आ रही थीं, तब भाजपा के असामाजिक तत्वों ने उनके साथ अभद्र टिप्पणी और धक्का-मुक्की की, जिससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए, वहीं, सिद्धार्थ राणा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता खुद लाठियां लेकर आए थे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे थे. उन्होंने स्पष्ट किया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने कोई हमला नहीं किया, बल्कि भाजपा ही इस हिंसा के लिए जिम्मेदार है.

पुलिस की भूमिका और वर्तमान स्थिति

घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुँची पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया, लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है. भाजपा ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया है, जबकि तृणमूल नेतृत्व ने इस मामले में थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने की बात कही है.

क्या है विवाद की जड़

विवाद मुख्य रूप से मतदाता सूची के शुद्धिकरण (फॉर्म-7) को लेकर है. भाजपा का आरोप है कि बड़ी संख्या में फर्जी नाम सूची में हैं, जिन्हें हटाने से रोकने के लिए तृणमूल हिंसा का सहारा ले रही है. वहीं तृणमूल का कहना है कि भाजपा वैध मतदाताओं को परेशान करने के लिए साजिश रच रही है. फिलहाल, जामुड़िया बीडीओ कार्यालय परिसर में सन्नाटा है लेकिन भारी पुलिस पहरा बैठा दिया गया है. प्रशासन मामले की जांच कर रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Ganesh Mahto

लेखक के बारे में

By Ganesh Mahto

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola