इस्पात बाजार में वृद्धि मुख्य चुनौती
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
इस्पात उद्योग को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की ज़रूरत पर दिया जोर बर्नपुर. केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह ने बुधवार को इस्पात मंत्रालय द्वारा उत्तर भारतीय राज्यों के लिए ‘मेक इन इंडिया-मेक इन स्टील’ और इस्पात खपत दोगुना करने के विषय पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन के दूसरे चरण का उदघाटन किया. इस्पात राज्य मंत्री […]
विज्ञापन
इस्पात उद्योग को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की ज़रूरत पर दिया जोर
बर्नपुर. केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह ने बुधवार को इस्पात मंत्रालय द्वारा उत्तर भारतीय राज्यों के लिए ‘मेक इन इंडिया-मेक इन स्टील’ और इस्पात खपत दोगुना करने के विषय पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन के दूसरे चरण का उदघाटन किया. इस्पात राज्य मंत्री विष्णु देव साय, इस्पात सचिव डॉ अरु णा शर्मा, इस्पात मंत्नालय के संयुक्त सचिव सुनील बडथ्वाल, सेल अध्यक्ष पीके सिंह, एचएससीएल के सीएमडी एम भादुरी, भारतीय इस्पात संघ के महासचिव डॉ सनक मिश्र और निजी इस्पात क्षेत्रों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
उत्तरी क्षेत्र के औद्योगिक केंद्रों में दुपहिया और साइकिल विनिर्माण उद्योग, पाइप और ट्यूब, रि-रोलिंग मिल, इंजीनियरिंग सामान और उपकरण, कृषि आधारित मजबूत अर्थव्यवस्था और उत्तर भारत के पहाडी भू-भाग की उपस्थिति के कारण, उत्तरी क्षेत्र इस्पात के उत्पादन और खपत दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है. मंत्री श्री सिंह ने कहा कि उत्तरी क्षेत्न में 40 प्रतिशत इस्पात की खपत है और लुधियाना सम्मेलन में इस्पात की मांग बढ़ाने के लिए कई सुझाव सामने आयेंगे. घरेलू इस्पात उद्योग का सकल घरेलू उत्पाद में दो प्रतिशत योगदान है.
इसमें अपार क्षमता है लेकिन इस्पात उद्योग में मांग बढ़ाने के लिए विविधिकरण और अभिनवता की ज़रूरत है. इस्पात उद्योग को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की ज़रूरत है और इसने विश्वस्तरीय इस्पात उत्पादक बनने के लिए मानकों को हासिल करना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि इस्पात उद्योग को अन्य उद्योगों द्वारा इस्पात के विकल्प के तौर पर सप्लाइ की जा रही सामग्री से प्रतिस्पर्धा और मुकाबला करने की ज़रूरत है. उन्होंने उत्पाद की लाइफ सायकल कॉस्ट, रिसायकलिबलिटी, पुनर्उपयोग, दृढता और टिकाउपन जैसी इस्पात के अनूठे गुणों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्पात निर्माण बहुत ही अच्छी तरह से बहुत कम रख-रखाव पर ऐसा स्मार्ट विकल्प उपलब्ध कराते हैं जो लंबे समय तक के लिए टिकाऊ होते हैं.
इस्पात राज्य मंत्नी श्री साय ने कहा कि मंत्नालय ने तीन सौ मिलियन टन के उत्पादन का लक्ष्य तय किया है, तो इस उत्पादन के लिए मांग और बाज़ार तलाशना सबसे बडी चुनौती है. इस्पात सचिव डॉ शर्मा ने कहा कि इस्पात खपत को 60 किलोग्राम प्रति व्यक्ति से कई गुना बढ़ाने के लक्ष्य को केंद्रीय बजट अपने विभिन्न आधारभूत संरचना क्षेत्नों विशेषत: रेलवे, रक्षा और हाईवे में आगामी इस्पात खपत के जरिये तेजी प्रदान करेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










