वििभन्न सरकारी कंपनियों की पेंशन योजनाओं का अध्ययन कर बनेगी रिपोर्ट
सांकतोड़िया : जेबीसीसीआइ-10 द्वारा रिटायर कोलकर्मियों को मिलनेवाले पेंशन में सुधार को लेकर गठित की गयी कमेटी की पहली बैठक चार जनवरी को कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) मुख्यालय कोलकाता में होगी. इस संबंध में कमेटी के संयोजक सह कंपनी की वरीय प्रबंधक रेणु चतुव्रेदी ने पत्र जारी कर दिया है.
इसीएल के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कमेटी विािन्न सरकारी कंपनियों तथा अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की पेंशन योजनाओं का अध्ययन कर 19 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी. इसे आगामी 20-21 जनवरी को केरल में होनेवाली जेबीसीसीआइ -10 की बैठक में पेश किया जायेगा. इस रिपोर्ट पर बैठक में चर्चा की जायेगी. वर्त्तमान पेंशन योजना वर्ष 1998 से लागू है. परन्तु आज तक इसकी समीक्षा नहीं की जा सकी है. ट्रेड यूनियन और पेंशनधारक पूर्व कोयलाकर्मी लंबे समय से इसकी समीक्षा की मांग करते रहे हैं.
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस समय पेंशन लेनेवाले पूर्व कोयलाकर्मियों की संख्या अधिक हो गयी है, जबकि पेंशन राशि में योगदान करनेवाले कोयलाकर्मियों की संख्या उनसे कम रह गयी है. सीएमपीएफ की एक रिपोर्ट के अनुसार अगर पेंशन फंड को मजबूत नहीं किया गया तो वर्ष 2022-23 से पेंशन ाुगतान बंद करना पड़ेगा. बीते छह-सात दिसंबर को जेबीसीसीआइ-10 की हुयी पहली बैठक में ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने इस मामले को काफी गंीरता से उठाया था. उसी बैठक में प्रबंधन ने इस कमेटी के गठन पर सहमति जतायी थी. कमेटी मं प्रबंधन तथआ ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हैं. कमेटी अगली बैठक में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
पूर्व कोयला कर्मियों का कहना है कि हजारों पूर्व कोयला कर्मियों का पेंशन ाुगतान शुरू ही नहीं हुआ है. ऐसे पूर्व कोयलाकर्मी दो-दो सालों से विािन्न कोलियरी कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं. कोलियरी कर्मियों का कहना होता है कि उनके सी संबंधित कागजात सीएमपीएफ क्षेत्रीय कार्यालय को ोज दिये गये हैं. जब पूर्व कोयला कर्मी वहां पहुंचता है तो कहा जाता है कि दस्तावेज सीएमपीएफ मुख्यालय को ोज दिया गया है. पूर्व कोयला कर्मी इन तीनों कार्यालयों का चक्कर लगाते रहता है. कमेटी गठन के बाद उनमें आशा जगी है कि पेंशन ाुगतान की प्रक्रिय ा सरल तथा सुला होगी. सनद रहे कि कमेटी के अध्यक्ष सीआइएल के कार्मिक निदेशक आर मोहनदास है. इसमें एनसीएल के कार्मिक निदेशक, इसीएल के वित्त निदेशक एएम मराठे, एमसीएल के कार्मिक निदेशक, एटक के रमेंद्र कुमार, बीएमएस के बीके राय, एचएमएस के राजेन्द्र सिंघा तथा सीटू के डीडी रामानंदन शामिल है.
