एफिलिएटेड स्कूल में ही करायें नामांकन
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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बच्चों का दाखिला क्लास वन में कराते समय बरतें सावधानी सीबीएसइ ने जारी किया सकरुलर आसनसोल : अभिभावकों को अब बच्चों के नामांकन से पहले विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. पहली कक्षा में दाखिला के समय ही अनिवार्य रूप से यह देख लें कि विद्यालय सीबीएसइ से संबद्ध है या नहीं. सीबीएसइ से मान्यता […]
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बच्चों का दाखिला क्लास वन में कराते समय बरतें सावधानी
सीबीएसइ ने जारी किया सकरुलर
आसनसोल : अभिभावकों को अब बच्चों के नामांकन से पहले विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. पहली कक्षा में दाखिला के समय ही अनिवार्य रूप से यह देख लें कि विद्यालय सीबीएसइ से संबद्ध है या नहीं. सीबीएसइ से मान्यता प्राप्त स्कूल होगा तभी सीनियर क्लासेज (9वीं) में विद्यार्थी का नामांकन हो पायेगा.
सीबीएसइ बोर्ड ने इस संबंध में सकरुलर जारी किया है. इसके अनुसार किसी भी विद्यार्थी का दाखिला नौवीं में तब ही लिया जायेगा, जब वह एफिलिएटेड स्कूल से उस स्कूल में आया हो. अगर विद्यार्थी ने पहली कक्षा से आठवीं तक नॉन एफिलिएटेड स्कूल में शिक्षा प्राप्त की है तो ऐसे में उसका मान्यता प्राप्त किसी भी सीबीएसइ स्कूल में दाखिला नहीं होगा.
कई सालों से नहीं मिला एफिलिएशन
कई स्कूल सीबीएसइ से एफिलिएशन लेने के लिए कतार में खड़े हैं. इन स्कूलों ने सीबीएसइ के पास तीन साल पहले ही आवेदन कर दिया है. 7वीं में पढ़ रहें स्टूडेंट्स अब 9वीं क्लास में भी जा चुके हैं. एफिलिएशन के लिए स्कूलों ने मोटी रकम भी फीस के तौर पर सीबीएसइ को दी है.
लेकिन सीबीएसइ ने अभी तक इन स्कूलों की जांच तक नहीं करवायी है. ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक जायेगा. क्योंकि इन स्कूलों के स्टूडेंट्स सीबीएसइ के 9वीं के रजिस्ट्रेशन में शामिल नहीं हो पायेंगे. इससे 2017 के 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल नहीं हो पायेंगे.
अभिभावकों की परेशानी
– अभिभावकों के पास ऑप्शन नहीं होता है.
– एफिलिएटेड स्कूल में नामांकन नहीं होने के बाद अभिभावक जानते हुए नॉन एफिलिएटेड स्कूल में नामांकन करवाते हैं.
– हर साल 40 से 50 हजार स्टूडेंट्स का नामांकन के लिए अप्लाइ क्लास वन में
सिर्फ पटना शहर में होता है.त्न अभिभावक गलत स्कूलों के झांसे में आ जाते हैं.
– स्कूल इसका फायदा उठा कर अभिभावकों से मोटी रकम भी वसूलता है.
– फीस भी जरूरत से अधिक अभिभावकों को देना होता है
हजारों करते हैं हर वर्ष आवेदन
पहली कक्षा में दाखिले के लिये शहर के स्कूलों में हजारों की संख्या में आवेदन दिये जाते हैं.लेकिन सबका नामांकन नहीं हो पाता है. ऐसे में बाकी बचे हुए बच्चों का नामांकन प्ले स्कूल या नॉन एफिलिएटेड स्कूलों में ही हो पाता है. सीबीएसइ न तो नये स्कूलों को एफिलिएशन दे रही है और ना ही स्कूलों में पहली या दूसरी कक्षाओं में सेक्शन की संख्या ही बढ़ायी जा रही है. ऐसे में काफी बड़ी संख्या में हर साल बच्चे नामांकन नहीं ले पाते हैं.
अगले वर्ष से ऑनलाइन लिया जायेगा पीएसए
सीबीएसइ ने अगले वर्ष से प्राब्लम सॉल्विंग असेसमेंट (पीएसए) को ऑनलाइन करने का फैसला किया है. इसके तहत 60 अंकों की परीक्षा ली जाती है. सीबीएसइ के अनुसार पीएसए ऑनलाइन होने से पहले सभी स्कूलों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन ही रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. इससे इस प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा करने वाले स्कूलों पर लगाम कसी जा सकेगी.
सीबीएसइ के अनुसार ऑनलाइन पीएसए स्कूल में ही होगा. जिन स्कूलों का डोमेन नेम सीबीएसइ से जुड़ा है, केवल उन्हीं स्कूलों के स्टूडेंट्स पीएसए में शामिल हों पायेंगे. स्टूडेंट्स पीएसए का रिजल्ट उनके इ-मेल पर मिल जायेगा. सीबीएसइ पहले से ही स्टूडेंट्स की इ-मेल आइडी भी मंगाने में जुटा है. वर्ष 2013 तक साल में चार बार फार्मेटिव असेसमेंट (एफए) लिया जाता था, लेकिन 2013 में एफए-4 की जगह पीएसए रख दिया गया.
स्कूलों की दिक्कतें
एफिलिएशन देने में देर करता है सीबीएसइ बोर्ड. त्न आवेदन के बावजूद समय पर नहीं मिलता एफिलिएशन. त्न हर साल विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के बावजूद स्कूल लिमिट सीटों पर ही नामांकन ले पाता है. त्न कोई भी स्कूल सीटों की संख्या सीबीएसइ के आदेश के बिना नहीं बढ़ा सकते हैं.
सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइलॉज के अनुसार ही स्कूल कुछ एक्स्ट्रा कर सकता है
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