कार्मिक निदेशक ने की विकास की समीक्षा
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सांकतोड़िया : इसीएल के कार्मिक निदेशक केएस पात्र ने मंगलवार को अपने कार्यालय में कॉरपोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी (सीएसआर) एवं कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. कल्याण विभाग के महाप्रबंधक डी रामदेव राव, उप महाप्रबंधक (सिविल एवं कल्याण विभाग) आरके श्रीवास्तव, वरीय प्रबधंक (सीएसआर) पीके पात्र, वरीय प्रबंधक (कल्याण) एके लाल, विवेक कुमार, किरण […]
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सांकतोड़िया : इसीएल के कार्मिक निदेशक केएस पात्र ने मंगलवार को अपने कार्यालय में कॉरपोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी (सीएसआर) एवं कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की.
कल्याण विभाग के महाप्रबंधक डी रामदेव राव, उप महाप्रबंधक (सिविल एवं कल्याण विभाग) आरके श्रीवास्तव, वरीय प्रबधंक (सीएसआर) पीके पात्र, वरीय प्रबंधक (कल्याण) एके लाल, विवेक कुमार, किरण नायक शामिल थे. उन्होंने सीएसआर योजना एवं कल्याण मद में वर्ष 2014-15 में किये गये कार्य की समीक्षा की एवं कहा कि चालू वर्ष 2015-16 में लक्ष्य को और भी आगे बढ़ाना है. कार्य में तेजी लाने की भी हिदायत दी. उन्होंने कहा कि कार्य में किसी प्रकार की कोताही एवं लापरवाही नहीं बरते. पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी. वर्ष 2014-15 में सीएसआर का बजट 37.90 करोड़ रुपये था. जिसमें 24.85 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाया.
13.05 करोड़ खर्च नहीं हो पाया. केंद्र सरकार क्षेत्र को विकास करने के लिये पैसा देती है, इसलिये चालू वर्ष में हर हाल में दिए गए बजट को सही जगह पर खर्च करना है. कंपनी द्वारा अलग अलग राज्य के तीन जिलों के 1942 स्कूलों में 3488 शौचालय निर्माण कराना है. 1344 नये शौचालय एवं 2144 शौचालयों की मरम्मत होगी. मरम्मत के लिये 25 हजार रुपये हर स्कूल प्रबंधन कमेटी को दिये गये है.
सीएसआर काउंसिल के निर्देशानुसार अलग अलग योजनाओं पर खर्च की जायेगी. गौरतलब है कि कंपनियों को अपने लाभ का दो प्रतिशत हिस्सा सीएसआर पर खर्च करना है. सीएसआर योजना के तहत शौचालय निर्माण पहली प्राथमिकता है. हेल्थ सब सेंटरों के सुदृढ़ीकरण की भी योजना है.
आवासीय विद्यालयों में बेड, कंबल, मच्छरदानी, फर्नीचर, बरतन, लाइब्रेरी, कंप्यूटर, साइंस लैब की सुविधा भी सीएसआर के तहत उपलब्ध करायी जाती है. गांवों में सामुदायिक पाइप जलापूर्ति योजना व स्वच्छता अभियान की योजना है. स्कील डेवलपमेंट, महिला सशक्तीकरण, पौधारोपण आदि भी शामिल है.
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