दिसंबर में 42 भू-दाताओं को मिलेगी इसीएल में नौकरी, गुरुवार को दूसरा आदेश जारी
Updated at : 20 Nov 2025 9:43 PM (IST)
विज्ञापन

इसीएल के सीएमडी सतीश झा ने का पदभार ग्रहण करते ही जमीन अधिग्रहण के कार्य को पहली प्राथमिकता दी और लंबित पड़े जमीन दाताओं के नौकरी की प्रक्रिया को तत्काल पूरा किया.
विज्ञापन
आसनसोल.
इसीएल के सीएमडी सतीश झा ने का पदभार ग्रहण करते ही जमीन अधिग्रहण के कार्य को पहली प्राथमिकता दी और लंबित पड़े जमीन दाताओं के नौकरी की प्रक्रिया को तत्काल पूरा किया. जिसके कारण जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आ गयी. जिसका लाभ प्रोजेक्ट को मिला. इसी कड़ी में दिसम्बर माह में कुल 42 जमीन दाताओं को इसीएल में नौकरी मिलने जा रहा है. बोर्ड की मंजूरी हो चुकी है, सिर्फ कागजातों के सत्यापन के बाद एक दिसंबर से वे इसीएल के कर्मचारी बन जाएंगे. जमीन के बदले नौकरी पानेवाले 42 उम्मीदवारों को पत्र भेज दिया गया है. 21 और 22 नवम्बर को इसीएल मुख्यालय में उन्हें कागजातों (ओरिजिनल पीवीआर, आइएमएफ, आधार, बैंक अकाउंट, 10 कॉपी फोटो आदि) के साथ बुलाया गया. इन कागजातों की जांच के बाद ही उन्हें नौकरी मिल जाएगी. 42 में से सबसे ज्यादा 30 लोग सालानपुर एरिया के, छह लोग केंदा एरिया के और चार लोग बंकोला एरिया से हैं. सभी एरिया के एचआर अधिकारी इन उम्मीदवारों को अपने साथ मुख्यालय लेकर जाएंगे. एक महीने में 42 जमीन दाताओं को नौकरी मिलने से अन्य जमीनदाता भी उत्साहित हैं. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में उद्योग के लिए जमीन अधिग्रहण करना सबसे बड़ी चुनौती है. इसीएल के लिए अपने विभिन्न प्रकल्पों के जमीन की काफी जरूरत है. यहां कोयले का विशाल भंडार है. सीएमडी श्री झा के अनुसार वर्ष 2035 तक इसीएल 100 मिलियन टन कोयले का खनन अकेले कर पायेगी, यदि जमीन अधिग्रहण सुचारू रूप से हो. श्री झा ने यहां का पदभार ग्रहण करते ही जमीन अधिग्रहण को पहली प्राथमिकता दी. जमीन के बदले नौकरी को लेकर अनेकों मामले वर्षो से लंबित थे. विभिन्न कोलियरियों में जमीनदाता समय-समय पर आंदोलन करते थे कि उनका जमीन ले लिया गया लेकिन नौकरी नहीं मिली. जिससे उन्हें लाखों का नुकसान हो रहा है. नौकरी मिल जाने से वेतन चालू हो जाता, लेकिन जमीन लेकर नौकरी की प्रक्रिया को लटका दिया गया. श्री झा ने इस प्रक्रिया को आसान कर दिया. जमीन देते ही मुआवजा और नौकरी तुरंत मिलने लगी, जिससे जमीनदाता भी उत्साहित हो गये. जिसका परिणाम यह रहा कि हर माह आरआर पॉलिसी के तहत जमीन दाताओं को नौकरी मिल रही है. यह एक बड़ा अवसर है जब एकसाथ 42 जमीन दाताओं को दिसम्बर माह में एकसाथ इसीएल में जॉइनिंग मिलेगी.सीएमडी श्री झा ने कहा कि जमीन देकर मुआवजा की राशि और नौकरी के लिए किसी को इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इसीएल में जमीन के बदले मुआवजा का सबसे बेहतर प्रावधान है. जिसका भरपूर लाभ जमीन दाताओं को मिल रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




