कृषि विभाग में नौकरी का फर्जी नियुक्ति-पत्र देकर लूटे 15 लाख

Published by :GANESH MAHTO
Published at :21 Apr 2025 10:46 PM (IST)
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कृषि विभाग में नौकरी का फर्जी नियुक्ति-पत्र देकर लूटे 15 लाख

शिल्पांचल में नौकरी के नाम पर ठगी करनेवाला गिरोह सक्रिय

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आसनसोल/दुर्गापुर. अपनी पहुंच का धौंस जमाकर लोगों को नौकरी मुहैया कराने के नाम ठगी का कारोबार शिल्पांचल में हमेशा से ही चर्चा में रहा है. अब एक नया मामला सामने आया, जिसमें फरीदपुर थाना क्षेत्र के बालीजुड़ी इलाके के निवासी संदीप मुखर्जी की पत्नी और उनके रिश्तेदार को पश्चिम बंगाल राज्य के कृषि विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगों ने 15 लाख रुपये लूट लिए. ठगों ने पूरी राशि ऐंठने के लिए कृषि विभाग में नौकरी का फर्जी नियोजन पत्र भी थमा दिया. फर्जी नियोजन पत्र की जनाकारी मिलने के बाद से ही श्री मुखर्जी और उनके रिश्तेदार लगातार पैसे की मांग को लेकर ठगों के घरों के चक्कर लगा रहे हैं. डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी पैसा नहीं मिलने पर श्री मुखर्जी ने 1A/52 अरविंद एवेन्यू दुर्गापुर के निवासी पिता पुत्र तपन रक्षित और अर्घ्य रक्षित तथा दुर्गापुर थाना क्षेत्र के निवासी मिलन दास और रमेश चौबे को आरोपी बनाकर अदालत में शिकायत की. अदालत ने निर्देश पर इस शिकायत के आधार पर फरीदपुर थाना में उक्त चारों आरोपियों के खिलाफ कांड से 20/25 में बीएनएस की धारा 318(2)/338/336(3)/340(2)/61(2)/3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई. आरोपियों की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है. गौरतलब है कि शिल्पांचल में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को लूटने का अनेकों गिरोह सक्रिय है. यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को भी अपना शिकार बनाता है. ऐसे ही एक मामला कुछ दिनों पहले उजागर हुआ था और आसनसोल नॉर्थ थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई. आधा दर्जन से अधिक आरोपी गिरफ्तार हुए. यह गिरोह रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को लूटता था. फर्जी नियोजन देकर रेलवे में मेडिकल और ट्रेनिंग भी करवा देता था. ट्रेनिंग के दौरान वेतन भी देता था. समझौता का पूरा पैसा मिलते ही गिरोह के सदस्य गायब हो जाते थे. महाराष्ट्र के एक व्यक्ति से नौकरी के लिए 60 लाख रुपये लेकर फर्जी नियोजन देने के मामले को लेकर आसनसोल साउथ थाना में मामला दर्ज हुआ और पुलिस ने तत्परता के साथ कार्रवाई की.

आरोपियों ने कैसे लूटा मुखर्जी परिवार को

फरीदपुर थाना में दर्ज मामले में शिकायतकर्ता ने बताया कि उक्त आरोपी उनके परिवार के लोगों के साथ अच्छी तरह परिचित थे. आरोपियों ने उन्हें प्रस्ताव दिया कि उनकी पत्नी और करीबी रिश्तेदार सव्यसाची मुखर्जी के लिए राज्य कृषि विभाग में नौकरी लगा देंगे. उनके झांसे में आकर श्री मुखर्जी ने 15 जुलाई 2023 को आरोपियों को 15 लाख रुपये का भुगतान किया, जिसके बदले आरोपियों ने उन्हें कृषि विभाग में नौकरी का दो नियोजन पत्र दिया. बाद में उन्हें पता चला कि आरोपियों ने उन्हें फर्जी नियोजन पत्र देकर लूट लिया है. श्री मुखर्जी आरोपियों के पास गये और कहा कि असली नियोजन पत्र दो या फिर पैसा वापस करो. आरोपी लगातार अपने वादे से मुकरते रहे. काफी भाग दौड़ के बाद आरोपियों ने 1.20 लाख रुपये वापस लौटाए. बाकी का 13.80 लाख रुपये जल्द लौटाने का बार बार आश्वासन देकर विफल हो रहे हैं. अंत में आरोपियों ने धमकी दी कि पैसा भूल जाओ नहीं तो बुरा अंजाम भुगतान होगा. जिसके बाद श्री मुखर्जी ने शिकायत की.

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