वार्ड संख्या 88 के विभिन्न इलाकों में लोग गंदगी को लेकर हैं परेशान
Updated at : 29 Dec 2019 5:00 AM (IST)
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कूड़ेदान की कमी से जगह-जगह फैला है कचरा, अधिकांश नालियां टूटी. नाली का कचरा निकालकर किनारे जमा किया जाता है, जिसे नहीं उठाने का है आरोप. कचरा बन गया आवारा पशुओं का चारागाह. रानीगंज : नगर निगम के रानीगंज बोरो कार्यालय अंतर्गत वार्ड संख्या 88 में प्रशासनिक सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी नाराजगी […]
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- कूड़ेदान की कमी से जगह-जगह फैला है कचरा, अधिकांश नालियां टूटी.
- नाली का कचरा निकालकर किनारे जमा किया जाता है, जिसे नहीं उठाने का है आरोप.
- कचरा बन गया आवारा पशुओं का चारागाह.
रानीगंज : नगर निगम के रानीगंज बोरो कार्यालय अंतर्गत वार्ड संख्या 88 में प्रशासनिक सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है. वार्ड के विभिन्न इलाकों में कचड़ों की भरमार है. अधिकांश नालियां टूटी होने के कारण इसका पानी बाहर फैला होने से दुर्गंध लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है.
वार्ड में मौजूद कूड़ेदान की नियमित सफाई नहीं होती है. वार्ड पार्षद सीमा सिंग का दावा किया कि उनके इलाके में सफाई को लेकर कोई समस्या नहीं है. सफाई व्यवस्था पर अपनी संतुष्टि जाहिर की. पार्षद का दावा जमीनी हकीकत से काफी दूर है. जमीनी हकीकत में उनका दावा फेल है. वार्ड में कुल नौ हजार की आवादी पर 31 सफाई कर्मी हैं.
आंखों देखी.
वार्ड नंबर 88 के हुसैन नगर, विवेकानंद पल्ली, कॉलेज पाड़ा क्षेत्रों में जगह-जगह गंदगी का अंबार है. मोहल्ले में फैली गंदगी से लोगों को भारी परेशानी की सामना करना पड़ रहा है. हुसैन नगर में नालियों की नियमित सफाई नहीं होती है, नालियां जाम हो गयी है. जिससे दुर्गंध फैल रहा है.
कूड़ेदान की कमी के कारण जगह-जगह कूड़ा भरा पड़ा है. जहां-तहां पड़ा कचड़ा पशुओं के लिए चारागाह के बन गया है. गंदगी से इलाके में कभी भी मच्छर जनित बीमारी फैलने का खतरा प्रबल है.
क्या कहते हैं स्थानीय लोग?
हुसैन नगर के निवासी मोहम्मद साजिद ने कहा कि इलाके में कचड़ा की नियमित सफाई नहीं होती है. जिससे जगह-जगह कचड़े की ढेर हो गयी है. मच्छर मारने के लिए कीटनाशक का छिड़काव महीनों पूर्व हुई थी.
हुसैन नगर निवासी व कॉलेज छात्रा शाईस्ता परवीन ने बताया कि उनके मोहल्ले की नालियों की नियमित सफाई नहीं होती है. जिसके कारण दुर्गंध फैलती रहती है. महीनों हो गए हैं, यहां कीटनाशक और ब्लीचिंग का छिड़काव नहीं हुआ है. फागिंग मशीन का ही उपयोग मोहल्ले में होते हुए कभी नहीं देखा है.
विवेकानंद पल्ली की निवासी चित्रा रुज ने कहा कि सफाई कर्मी नालियों का कचड़ा साफ करके उसे किनारे ही रख देते हैं. जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैलती है. यह कचरा कितने दिनों बाद उठाई जाएगी, इसका कोई निर्धारित समय सीमा नहीं है. आवारा पशु इन कचड़ों को पुनः धकेलकर नालियों में ही डाल देते हैं.
विवेकानंद पल्ली निवासी खुर्शीद आलम ने कहा कि अधिकांश नालियां टूटी होने के कारण नाली की गंदी पानी सड़कों पर फैल जाता है. सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन के कार्य पर भारी नाराजगी जताई.
विवेकानंद पल्ली निवासी कमरुद्दीन कुरैशी ने कहा कि सफाई कर्मी सही तरीके से कचड़ा नहीं उठाते हैं. घर के आसपास चारों ओर कचड़ा फैला रहता है. मच्छर मारने वाली फॉगिंग मशीन सिर्फ मुख्य सड़कों पर ही धुआं उड़ाकर चली जाती है. मोहल्ले में फॉगिंग मशीन का उपयोग नहीं होता है. कीटनाशक एवं ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव सिर्फ बारिश के मौसम में होता है.
क्या कहती हैं वार्ड पार्षद?
पार्षद सीमा सिंह ने कहा कि उनके वार्ड में सफाई को लेकर किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है. कुल 31 सफाई कर्मी है. वार्ड के हर इलाके में नियमित सफाई होती है. कूड़ेदान की कमी है. ब्लीचिंग पावडर तथा कीटनाशक का नियमित छिड़काव होता है. मच्छरों के लिए फॉगिंग मशीन का उपयोग सभी इलाकों में किया जाता है.
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