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यांत्रिक गड़बड़ी के कारण घंटों भूगर्भ खदान में फंसे रहे 35 श्रमिक

Updated at : 04 Nov 2019 1:57 AM (IST)
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यांत्रिक गड़बड़ी के कारण घंटों भूगर्भ खदान में फंसे रहे 35 श्रमिक

तीन घंटे की मशक्कत के बाद सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया अंडाल : काजोड़ा एरिया के परास कोल ईस्ट (बी) पीट चानक एवं (ए)पीट चानक दोनों पीटों में अचानक हुई गड़बड़ी के कारण 35 श्रमिक भूगर्भ खदान में फंस गये. रात्रि पाली समाप्त कर सुबह 7:00 बजे ऊपर जमीन पर आने के क्रम […]

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तीन घंटे की मशक्कत के बाद सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

अंडाल : काजोड़ा एरिया के परास कोल ईस्ट (बी) पीट चानक एवं (ए)पीट चानक दोनों पीटों में अचानक हुई गड़बड़ी के कारण 35 श्रमिक भूगर्भ खदान में फंस गये. रात्रि पाली समाप्त कर सुबह 7:00 बजे ऊपर जमीन पर आने के क्रम बाहर जमीन पर नहीं आ सके. सभी अंदर खदान में फंसे रहे, जिसके कारण खदान के अंदर 35 श्रमिकों में खलबली मच गयी.

इस घटना के खिलाफ सभी ट्रेड यूनियनों ने एक सुर में सेफ्टी अधिकारी की लापरवाही का हवाला देते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. जानकारी के अनुसार, अंत में तीन घंटे की मशक्कत के बाद 10:00 बजे के सभी 35 श्रमिकों को पारसकोल ( बी) पिट ( जोकि स्टीम इंजन से संचालित होता है) की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल गया.

घटना की विस्तृत जानकारी श्रमिक संगठन एचएमएस एरिया सचिव विष्णु देव नोनिया, बीएमएस एरिया सचिव अवधेश बनिया, यूनिट सचिव सामंतो चटर्जी, सीपीआई के एरिया सचिव गुरुदास चक्रवर्ती, शाखा सचिव बच्चू लाल चौधरी, केकेएससी के साधन माझी, मलय घोष, गौतम मंडल, काजोल माझी, तृणमूल युवा के गौतम चौहान, स्थानीय तृणमूल नेता रूपेश यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि परासकोल कोलियरी में 2 चानक चलता है जिसमें परासकोल (बी) पिट, जो स्टीम इंजन द्वारा संचालित होता है और परासकोल (ए) पीट इंजन द्वारा संचालित होता है.

शनिवार रात्रि पाली में 42 श्रमिकों ने हाजिरी बनाया, जिसमें से 35 श्रमिक अंडरग्राउंड जाकर काम किये. परंतु जब काम समाप्त कर सुबह वापस 7:00 बजे सरफेस जमीन पर निकलने आए तो पता चला कि ऊपर सेफ्टी अधिकारी गौतम साहा द्वारा स्टीम इंजन का बॉयलर से स्टीम बाहर निकाल कर बंद कर दिया गया है जबकि (ए) पिट, जो कि इलेक्ट्रिक द्वारा संचालित होता है वह भी ब्रेकडाउन है. वह सुबह 3:00 बजे से खराब हो गया.

अब खदान से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं. अब सभी को खदान के अंदर तब तक रहना होगा जब तक कि यह दोनों ठीक नहीं हो जाती. अंततः 10:00 बजे के करीब बॉयलर में स्टीम होने के बाद सभी 35 श्रमिक बाहर निकाला गया. उन लोगों ने आगे जोड़ते हुए कहा कि सेफ्टी अधिकारी की लापरवाही की वजह से आज इतना बड़ा हादसा हुआ.

उन्होंने डीजीएमएस के नियमों का उल्लंघन किया है. उन्होंने आगे कहा कि हम लोग मांग करते हैं कि सेफ्टी अधिकारी को ईसीएल प्रबंधन कार्रवाई करें अगर नहीं करती है तो सोमवार को पूरा काजोड़ा एरिया का उत्पादन बाधित कर आंदोलन पर जाएंगे.

कोलियरी के अभिकर्ता सत्य काम आनंद ने कहा कि हम लोग बॉयलर को बंद किए थे और इलेक्ट्रिक से संचालित इंजन चल रहा था, लेकिन ऐन मौके पर वह भी खराब हो गया और श्रमिकों को तीन घंटे तक खदान में ठहरना पड़ा. खदान में फंसे हॉलीज ऑपरेटर बलिंदर कुमार ने कहा कि आज छठ पूजा था छठ मैया हमें सभी को सुरक्षित बचा लिया. हम लोग बहुत आशा किए थे कि ड्यूटी समाप्त कर छठ मैया को दूसरा अर्घ्य देने घाट जाएंगे परंतु ऐसा हो ना सका.

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