परेशान रजिस्ट्रार सुबल चंद्र दे ने दिया इस्तीफा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Jul 2019 12:48 AM
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विडम्बना : काजी नजरूल यूनिवर्सिटी परिसर में होनेवाले आंदोलनों से बिगड़ा शैक्षणिक परिवेश यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नहीं किया स्वीकृत, मनाने के प्रयास जारी आंदोलनों के कारण हो रही अराजकता को बताया प्रतिकूल माहौल पूर्ववर्ती रजिस्ट्रार डॉ अमित अब्राहम ने भी दिया था अपना इस्तीफा आसनसोल : काजी नजरूल यूनिवर्सिटी (केएनयू) में शैक्षणिक परिवेश के अभाव […]
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विडम्बना : काजी नजरूल यूनिवर्सिटी परिसर में होनेवाले आंदोलनों से बिगड़ा शैक्षणिक परिवेश
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नहीं किया स्वीकृत, मनाने के प्रयास जारी
आंदोलनों के कारण हो रही अराजकता को बताया प्रतिकूल माहौल
पूर्ववर्ती रजिस्ट्रार डॉ अमित अब्राहम ने भी दिया था अपना इस्तीफा
आसनसोल : काजी नजरूल यूनिवर्सिटी (केएनयू) में शैक्षणिक परिवेश के अभाव एवं लगातार चल रहे छात्र आंदोलनों से परेशान रजिस्ट्रार सुबल चंद्र दे ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उसे स्वीकार नहीं किया है. सहयोगी उन्हें इस्ताफा वापस लेने के लिए मनाने का प्रयास किये जा रहे हैँ.
दूसरी ओर यूनिवर्सिटी के अधीन संचालित विभिन्न कॉलेजों के चौथे सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने छह माह के पाठयक्रम को मात्र साढ़े तीन माह में पूरा कर परीक्षा लेने की तिथि घोषणा का विरोध शुरू कर दिया है. वे परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग की है. शुक्रवार को बीबी कॉलेज, बीसी कॉलेज, आसनसोल गर्ल्स कॉलेज, टीडीबी कॉलेज (रानीगंज), दुर्गापुर वूमेंस कॉलेज आदि के छात्र-छात्राओं ने यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किया और परीक्षा नियंत्रक दिपेंद्र नाथ घोष का घेराव भी किया था.
यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने नाम न छापे जाने की शर्त पर कहा कि यूनिवर्सिटी में परीक्षा परिणाम प्रकाशित किये जाने, अंक प्रमाण पत्र निर्गत करने, समय पर परीक्षा आयोजित करने आदि की मांग पर यूनिवर्सिटी में नियमित रूप से छात्र-छात्राओं का आंदोलन यथा – धरना, प्रदर्शन और घेराव होता रहता है. उग्र स्टूडेंटस प्रशासनिक भवन के मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों लोहे के गेट तोड़ चुके हैं. एक बार कुलपति के कक्ष के प्रवेश द्वार के पहले के लोहे के गेट को भी आक्रोशित स्टूडेंटस ने तोड़ दिया और जबरन प्रवेश कर गये. इन सबसे यूनिवर्सिटी में असुरक्षा का माहौल है.
रजिस्ट्रार श्री दे इस माहौल से काफी परेशान हैं. उनका कहना है कि इस माहौल में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वाह संभव नहीं है. इसके लिए यूनिवर्सिटी कैंपस में शिक्षण का माहौल जरूरी है. उन्हें लगता है कि माहौल में शीघ्र कोई बदलाव नहीं होनेवाला है. इस कारण उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया. उल्लेखनीय है कि उनके पूर्ववर्ती रजिस्ट्रार अमित अब्राहम भी अपना कार्यकाल पूरा किये ही इन्हीं कारणों से पदत्याग कर चले गये थे. हालांकि श्री दे को मनाने की कोशिस उनके सहयोगी तथा यूनिवर्सिटी प्रशासन के अधिकारी कर रहे हैं. सोमवार को यूनिवर्सिटी खुलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
दूसरी ओर केएनयू के अधीन संचालित कॉलेजों के चौथे सेमेस्टर का पाठयक्रम एवं पठन पाठन जनवरी माह से जून माह तक चलना था. परंतु तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा 12 अप्रैल को समाप्त हुई. जिसके बाद 15 अप्रैल से चौथे सेमेस्टर का पाठन-पाठन आरंभ हुआ और 15 जुलाई तक पठन-पाठन समाप्त कर दिया गया. यूनिवर्सिटी ने छह अगस्त को चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के आयोजन की तिथि की घोषणा भी कर दी.
छात्रों का कहना है कि छह माह के पाठयक्रम को मात्र साढ़े तीन माह में जल्दबाजी में पूरा किये जाने और छह अगस्त से परीक्षा देना संभव नहीं है. हालांकि यूनिवर्सिटी प्रबंधन इसे समय पर परीक्षा आयोजन एवं परिणाम घोषित करने के लिए छात्र छात्राओं के हित में लिया गया निर्णय बता रही है. स्टूडेंटस इसे यूनिवर्सिटी की विफलता करार देते हुए इसका ठीकरा छात्रों के सर फोड़ने का तिकड़म बता रहे हैं.
उनका कहना है कि इससे परीक्षा परिणाम प्रभावित होगा. उन्होंने परीक्षा तिथि विस्तार की मांग के समर्थन में आंदोलन करने की चेतावनी दी है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा कि वे स्टूडेंटस के बेहतरी की सोच रहे हैँ.
स्टूडेंटस की मांग पर उनके हित में निर्णय लेते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने तीन बार परीक्षा तिथियों में बदलाव किया हैँ. पहले चौथे सेमेस्टर की परीक्षा की तिथि 24 जुलाई निर्धारित थी. स्टूडेंटस के विरोध को देखते हुए इसे बढ़ाकर एक अगस्त किया गया. जिसे फिर से बढ़ा कर छह अगस्त कर दिया गया है. वे समय से परीक्षा का आयोजन और परीक्षा परिणाम का प्रकाशन चाहते हैँ. इसके लिए स्टूडेंटस को भी सहयोग करना होगा.
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