20.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

बर्दवान स्टेशन का नाम बदलने का विरोध

स्टेशन के साथ जुड़ी हैं कई ऐतिहासिक घटनाएं, विरासत भी बटुकेश्वर दत्त स्मृति रक्षा कमेटी ने निर्णय का किया स्वागत बर्दवान : बर्दवान स्टेशन का नाम बदलने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव का स्थानीय निवासियों ने विरोध किया है. उनका कहना है कि इस स्टेशन का पुराना इतिहास है. इसका नाम बदलने से जनभावना आहत […]

स्टेशन के साथ जुड़ी हैं कई ऐतिहासिक घटनाएं, विरासत भी

बटुकेश्वर दत्त स्मृति रक्षा कमेटी ने निर्णय का किया स्वागत
बर्दवान : बर्दवान स्टेशन का नाम बदलने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव का स्थानीय निवासियों ने विरोध किया है. उनका कहना है कि इस स्टेशन का पुराना इतिहास है. इसका नाम बदलने से जनभावना आहत होगी. गौरतलब है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बीते शनिवार को पटना में घोषणा की कि बर्दवान स्टेशन का नाम क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी बटुकेश्वर दत्त के नाम पर किया जायेगा. उनका जन्म बर्दवान जिले के खंडघोष थाना अंतर्गत ओंवाडी में हुआ था. बाद में वे पटना में शिफ्ट हो गये थे.
जुलाई, 1910 में ओंवाडी में उनका जन्म हुआ. नौकरी के कारण उनके पिता का तबादला कानपुर में हुआ तथा बटुकेश्वर की पढ़ाई कानपुर में हुई. छात्र जीवन से ही वे क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़ गये. 17 दिसंबर, 1928 को उत्तरप्रदेश में सहायक आयु्क्त चार्ल्स थंडरसन की हत्य में वे शामिल रहे. इसके बाद काफी दिनों तक वे अज्ञातवास में रहे. कुछ समय उन्होंने ओंवाडी में भी भूमिगत रहे. वर्ष 1929 में नेशनल एसेंबली में बम फेंकने के बाद उन्होंने गिरफ्तारी दी. आजादी के बाद वे पटना में बस गये. 19 जुलाई,1965 को एम्स में बीमारी से उनका निधन हुआ.
खंडघोष के ओंडारी के ग्रामीणों ने बटुकेश्वर दत्त स्मृति रक्षा कमेटी गठित की थी. जिस मकान में बटुकेश्वर भूमिगत रहे, उसे स्मारक घोषित करने की मांग कमेटी ने की थी. सचिव मधुसुदन चंद ने दावा किया कि कमेटी की मांग पर राज्य पर्यटन विभाग ने 22 फरवरी, 2013 को उसे स्मारक घोषित कर दिया.
तत्कालीन जिलाधिकारी ओंकार सिंह मीना ने इसकी घोषणा की थी. उनके मकानों का पुनरूद्धार किया गया. उन्होंने कहा कि कमेटी की नौ सूत्री मांगो में बर्दवान स्टेशन का नाम उनके नाम पर करने की मांग शामिल थी. कमेटी ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है.
दूसरी ओर दैनिक यात्री नारायण चक्रवर्ती, अरुप धर, माणिक दत्त आदि ने कहा कि बर्दवान स्टेशन का प्राचीन इतिहास है. यह कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा है. स्टेशन का नाम बदलना उचित नहीं है. गौरतलब है कि उनकी बेटी भारती बागची फिलहाल पटना में रहती है. वह दत्त परिवार की इकलौती सदस्य तथा पेशे से कॉलेज शिक्षिका है.
Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel