Bengal Politics : मुर्शिदाबाद में मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर को असदुद्दीन ओवैसी ने दिया जोरदार झटका

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 09 Dec 2025 8:15 AM

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हुमायूं कबीर के साथ चुनावी गठजोड़ से एआईएमआईएम का इनकार (File Photo)

Bengal Politics : टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के साथ चुनावी गठजोड़ से एआईएमआईएम ने इनकार किया है. कुछ दिन पहले खबर आई थी कि हुमायूं और ओवैसी की पाटी मिलकर बंगाल में विधानसभा का चुनाव लड़ेगी.

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Bengal Politics : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के साथ किसी भी चुनावी गठजोड़ से इनकार किया और उनके प्रस्तावों को राजनीतिक रूप से संदिग्ध बता दिया है. हुमायूं कबीर के विचार को लेकर भी पार्टी ने सवाल खड़े किए. असदुद्दीन ओवैसी की आईएमआईएम की ओर से यह बात ऐसे समय में कही गई है जब हुमायूं कबीर ने कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक समारोह में मस्जिद की नींव रखी थी.

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद असीम वकार ने कहा कि कबीर को व्यापक रूप से बीजेपी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ राजनीतिक रूप से जुड़ा हुआ माना जाता है. वकार ने एक बयान में कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कबीर को अधिकारी के राजनीतिक तंत्र का हिस्सा माना जाता है. और यह सर्वविदित है कि अधिकारी बीजेपी के राष्ट्रीय स्तरीय नेतृत्व के मुख्य रणनीतिक ढांचे के भीतर काम करते हैं. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय उकसावे से प्रेरित राजनीति का समर्थन नहीं करता.

मुस्लिम समुदाय राष्ट्र निर्माण में विश्वास रखता है: एआईएमआईएम


एआईएमआईएम नेता ने कहा कि मुस्लिम समुदाय राष्ट्र निर्माण में विश्वास रखता है, उसे तोड़ने में नहीं. वह देश को मजबूत करने वाली ताकतों के साथ खड़ा है और अशांति और विभाजन पैदा करने वालों को नकारता है. पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का उल्लेख करते हुए वकार ने कहा कि ओवैसी साहब की राजनीति संवैधानिक मूल्यों, शांति और सामाजिक सद्भाव पर आधारित है. वह ऐसे किसी भी व्यक्ति से नहीं जुड़ सकते जिसके कार्य एकता को खतरे में डालते हों, सामाजिक मतभेदों को गहरा करते हों या विनाश की राजनीति को बढ़ावा देते हों.

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उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल के मुसलमान कबीर के हालिया कदमों के पीछे की राजनीतिक मजबूरियों से पूरी तरह वाकिफ हैं. वकार ने कहा कि लोग साफ तौर पर समझते हैं कि वह किसके इशारे पर, किस हद तक और किस मकसद से काम कर रहे हैं.

टीएमसी से निलंबित किया गया कबीर को

कबीर को पिछले सप्ताह पार्टी नेतृत्व के साथ बार-बार टकराव के बाद टीएमसी से निलंबित कर दिया गया था. उन्होंने 22 दिसंबर को एक नया राजनीतिक दल बनाने की योजना की घोषणा की है और दावा किया है कि वह एआईएमआईएम और अन्य दलों के साथ संभावित गठबंधन के लिए बातचीत कर रहे हैं.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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