स्कूल नियुक्ति घोटाले में पार्थ हुए गिरफ्तार तो नीट मामले में प्रधान क्यों नहीं : अभिषेक

Updated at : 21 Jul 2024 11:09 PM (IST)
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स्कूल नियुक्ति घोटाले में पार्थ हुए गिरफ्तार तो नीट मामले में प्रधान क्यों नहीं : अभिषेक

श्री बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर हमला बोला और नीट संबंधित अनियमितता को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी घेरा. उन्होंने सवाल किया : राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को स्कूल नियुक्ति घोटाले में गिरफ्तार किया जा सकता है, तो राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) संबंधी अनियमितताओं में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को क्यों नहीं.

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कोलकाता.

तृणमूल कांग्रेस द्वारा रविवार को यहां विक्टोरिया हाउस के पास आयोजित शहीद दिवस की सभा में सांसद व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी पहुंचे और ‘शहीदों’ को श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने सभा को संबोधित किया. इस दौरान श्री बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर हमला बोला और नीट संबंधित अनियमितता को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी घेरा. उन्होंने सवाल किया : राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को स्कूल नियुक्ति घोटाले में गिरफ्तार किया जा सकता है, तो राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) संबंधी अनियमितताओं में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को क्यों नहीं.

अभिषेक ने सभा को संबोधित करते हुए कहा : भाजपा का राज्य में लोकसभा चुनाव में इसलिए खराब प्रदर्शन रहा, क्योंकि वह जीत के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों और धन बल के भरोसे थी. 21 जुलाई, 2022 के एक दिन बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने शिक्षक नियुक्ति घोटाले में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के घर पर छापा मारा था और उन्हें गिरफ्तार किया था. हम (तृणमूल) गलती करने वाले शख्स का बचाव नहीं करते. हम अन्याय बर्दाश्त नहीं करते. लेकिन, यदि केंद्रीय जांच एजेंसी चटर्जी के घर पर छापा मार सकती है और उन्हें गिरफ्तार कर सकती है, तो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नीट घोटाले के लिए गिरफ्तार क्यों नहीं किया जाना चाहिए? यह आजादी के बाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला है. यह भेदभाव क्यों?

लोस चुनाव में राज्य की जनता ने भाजपा को सिखाया सबक :

तृणमूल नेता ने कहा : इस बार हुए लोकसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को सबक सिखाया, क्योंकि केंद्र में उसकी सरकार ने कुछ केंद्रीय योजनाओं में पश्चिम बंगाल के लिए निधि रोक दी थी. लोगों ने उसे लोकसभा चुनाव में सबक सिखाया. भाजपा ने 400 सीट का लक्ष्य रखा था, लेकिन चुनाव में केवल 240 सीट ही हासिल कर पायी. राज्य में हुए गत विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कहा था ‘अबकी बार 200 पार’ और अभी भाजपा यहां 70 सीटों पर सिमट गयी. भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए इडी, सीबीआइ (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) और केंद्रीय बलों पर भरोसा किया, लेकिन हमें (तृणमूल को) बंगाल के लोगों पर ही भरोसा था.

निष्क्रिय नेताओं व कार्यकर्ताओं पर होगी कार्रवाई :

लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के कामकाज में निष्क्रिय रहने वाले नेताओं व कार्यकर्ता को लेकर तृणमूल नेता बनर्जी ने कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा : जो लोग नगरपालिका या पंचायतों का दायित्व संभाल रहे हैं, उन्हें सिर्फ अपने बारे में नहीं सोचना चाहिए. कार्यकर्ताओं के हित बारे में भी सोचना पड़ेगा. लोकसभा चुनाव से पहले मैं राज्य के अलग-अलग जिलों में गया और वहां समीक्षा बैठकें कीं. मैंने यह भी कहा था कि मतदान में किसकी और क्या भूमिका रही, मैं मतदान के बाद समीक्षा करूंगा. यह भी कहा था कि नगरपालिका और पंचायत चुनावों के दौरान तृणमूल की टिकट पर निर्वाचित हुए जनप्रतिनिधियों के क्षेत्रों में लोकसभा या विधानसभा चुनाव के दौरान यदि पार्टी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करेगी, तो उनके खिलाफ पार्टी कार्रवाई करेगी. केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पार्टी के लिए मेहनत करना जरूरी है. चुनाव के दौरान निष्क्रिय रहने वाले तृणमूल नेताओं व कार्यकर्ताओं को लेकर समीक्षा हो गयी है, तीन माह के अंदर पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी.

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह पिछले करीब डेढ़ महीने से राजनीतिक कार्यक्रमों से दूर थे. असल में वह लोकसभा चुनाव परिणामों की समीक्षा कर रहे थे और इसका असर तीन महीनों बाद लोग देखेंगे.

पार्टी के युवा व वरिष्ठ सदस्यों के बीच सामंजस्य बनाये रखने का दिया संदेश :

अभिषेक बनर्जी ने इस दिन पार्टी के युवा व वरिष्ठ सदस्यों के बीच सामंजस्य बनाये रखने का भी संदेश दिया. उन्होंने कहा कि पार्टी में जो नये सदस्य हैं, उन्हें 21 जुलाई के इतिहास, तृणमूल व पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के संघर्ष के बारे में जानना चाहिए. पार्टी में जो वरिष्ठ सदस्य हैं, उन्हें भी युवा सदस्यों के साथ मिलकर पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए मैदान में उतरना होगा. तृणमूल कार्यकर्ता ही पार्टी की ताकत हैं. पार्टी में अनुशासन हर हाल में बना रहे, इसके लिए सभी को तत्पर और सचेत होना होगा.

आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू करने को कहा

सभा मंच से अभिषेक बनर्जी ने राज्य में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू करने का संदेश दिया. उन्होंने कहा : लोकसभा चुनाव के पहले तृणमूल की ओर से जो वायदे किये गये हैं, वे सभी पूरा होंगे. केंद्रीय आवास योजना की राशि बंगाल के लोगों को नहीं मिली है. यह राशि भी तृणमूल सरकार यहां के लोगों को देगी. राज्य में वर्ष 2021 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव में भी पश्चिम बंगाल में तृणमूल का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है, इसलिए 21 जुलाई के ‘शहीद दिवस’ की सभा के मंच को हमें इस शपथ के साथ छोड़ना है कि वर्ष 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव में तृणमूल की जीत और बड़ी हो.

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