नोबेल विजेता अमर्त्य सेन ने कहा पड़ोसियों से सीखे भारत

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कोलकाता: नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री व स्वास्थ्य परिसेवा में सुधार के लिए ‘इलेवेंथ कोलकाता ग्रुप वर्कशॉप’ के अध्यक्ष डॉ अमर्त्य सेन ने कहा है कि देश की बदहाल स्वास्थ्य परिसेवा को सुधारने के लिए पड़ोसी देशों से सीख लेनी होगी. स्वास्थ्य परिसेवा में सुधार के लिए आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में चीन, थाइलैंड व बांग्लादेश […]

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कोलकाता: नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री व स्वास्थ्य परिसेवा में सुधार के लिए ‘इलेवेंथ कोलकाता ग्रुप वर्कशॉप’ के अध्यक्ष डॉ अमर्त्य सेन ने कहा है कि देश की बदहाल स्वास्थ्य परिसेवा को सुधारने के लिए पड़ोसी देशों से सीख लेनी होगी. स्वास्थ्य परिसेवा में सुधार के लिए आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में चीन, थाइलैंड व बांग्लादेश के भी प्रतिनिधि भी शामिल थे.

प्रोफेसर सेन का कहना था कि चीन ने स्वास्थ्य परिसेवा की दिशा में भारी सुधार किया है. थाइलैंड और यहां तक कि बांग्लादेश ने भी इस क्षेत्र में व्यापक सुधार किया है. बांग्लादेश के स्वास्थ्य सूचक भारत से काफी बेहतर दिख रहे हैं.

भारत के पड़ोसियों में चीन, बांग्लादेश के अलावा कोरिया, ताइवान, हांगकांग व सिंगापुर ने भी सुधार किया है. इससे उनके जीवनस्तर में भी वृद्धि हुई है, लेकिन भारत में इस दिशा में स्थिति बेहद खराब है. हालांकि कुछ राज्यों में स्थिति में सुधार आया है, जिनमें केरल, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य हैं. केरल का जहां तक सवाल है, वहां प्राइवेट स्वास्थ्य परिसेवा में सुधार हुआ है.

इसमें हानि कुछ नहीं है, लेकिन जरूरत पब्लिक हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने की है. दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं, जहां स्वास्थ्य परिसेवा के लिए सरकार पर निर्भरता नहीं है. सरकार की इस दिशा में विशेष भूमिका होती है. इस दिशा में जनता को शिक्षित व जागरूक करना भी जरूरी है. जनता यदि शिक्षित होती है, तो परिसेवा में भी सुधार दिखेगा. पश्चिम बंगाल की स्थिति के संबंध में प्रोफेसर सेन का कहना था कि मौजूदा स्थिति पूर्व की सरकार की वजह से है0 यहां मिश्रित सुधार कहा जा सकता है.

वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव केशव देशीराजु के तबादले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रोफेसर सेन का कहना था कि वह श्री देशीराजु को करीब से जानते हैं. उन्हें खुले दिमाग वाला व बुद्धिमान व्यक्ति कहा जा सकता है. उनके तबादले के फैसले के पीछे क्या वजह है, वह नहीं जानते. इस तबादले से वह आश्चर्यचकित हैं. सरकार को इस संबंध में जनता के समक्ष पारदर्शी होना चाहिए. कोलकाता ग्रुप का भी यही मानना है कि स्वास्थ्य परिसेवा में सुधार एक जटिल व लंबी अवधि की प्रक्रिया है, जिसमें निरंतर नेतृत्व व ध्यान जरूरी है. बेहतर प्रदर्शन करनेवाले जन सेवकों के मनमाने तबादले से सुधार की प्रक्रिया व योजना का क्रियान्वयन बाधित होता है.

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