सारधा कांडः तृणमूल सांसद ने दी धमकी, पार्टी को दिया 72 घंटे का समय

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।।अजय विद्यार्थी।। कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सांसद व सारधा चिटफंड मामले में गिरफ्तार कुणाल घोष ने एक खुला पत्र लिख कर तृणमूल कांग्रेस से पार्टी स्तर पर एक जांच आयोग गठित करने की मांग की. उन्होंने दावा किया कि 72 घंटे के अंदर जांच आयोग गठित किया जायेगा. 72 घंटे तक वह कोई बयान […]

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।।अजय विद्यार्थी।।

कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सांसद व सारधा चिटफंड मामले में गिरफ्तार कुणाल घोष ने एक खुला पत्र लिख कर तृणमूल कांग्रेस से पार्टी स्तर पर एक जांच आयोग गठित करने की मांग की. उन्होंने दावा किया कि 72 घंटे के अंदर जांच आयोग गठित किया जायेगा. 72 घंटे तक वह कोई बयान नहीं देंगे, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद वह सारधा कांड से जुड़े अन्य तृणमूल नेताओं के नाम का खुलासा करेंगे. श्री घोष के पत्र से तृणमूल कांग्रेस के अंदर बेचैनी पैदा कर दी है. उल्लेखनीय है कि श्री घोष ने छह सितंबर को बैंकशाल कोर्ट में बैठ कर पत्र लिखा था, लेकिन जिस तरह से प्रशासन की ओर से उन्हें मीडिया में बयानबाजी से मना किया जा रहा है. उन्होंने यह पत्र जारी किया है.

क्या है पत्र में :
1.सारधा मामले की जिस तरह से सीबीआइ जांच हो रही है, उसे हर संभव सहायता कर रहा हूं
तृणमूल महासचिव पार्थ चटर्जी को कहा है कि चिटफंड के मामले पर 72 घंटे के अंदर पार्टी में संगठनिक स्तर पर जांच आयोग का गठन किया जाये.
2. 72 घंटे तक वह कोई बयान नहीं देंगे.
3. तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं व समर्थकों से अपील करता हूं कि खुद को बचाने के लिए कुछ नेता आप लोगों को ढाल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. खुद विचार कर जांच पर नजर रखें. याद रखें, मैं खुद भी पार्टी के खराब समय में उसके साथ था.
4. मैं जो कह रहा हूं, उसका राजनीति से कोई संपर्क नहीं है. जांच के लिए जो जरूरी है, वह बोल रहा हूं. मेरी बातें मीडिया में प्रसारित हो रही है. वह प्रचार के लिए नहीं है. जांच के लिए हर तरह से तैयार हूं.
5. ला वैगास के कार्यक्रम में मैं नहीं गया था.
6. वित्त मंत्री अमित मित्र की उपस्थिति में बैंकाक के किसी भी अनुष्ठान में नहीं था.
7. तृणमूल यदि 100 फीसदी सही है, तो बयानबाजी के बदले 72 घंटे के अंदर पार्टी स्तर पर जांच आयोग का गठन करे. उसमें मुझे अपनी बात रखने का अवसर दें. जो चिटफंड से जु़ड़े नहीं हैं, सुविधा नहीं लिये हैं. उनके लिए जांच आयोग निरपेक्ष रूप से काम करे.
तृणमूल सांसद सृंजय बोस व समीर चक्रवर्ती से सीबीआइ ने की पूछताछकरोड़ों रुपये के सारधा घोटाला मामले में सीबीआइ की विशेष अपराध शाखा ने आज तृणमूल कांग्रेस के एक अन्य सांसद सृंजय बोस से पूछताछ की. सीबीआइ सूत्रों ने बताया कि राज्यसभा सदस्य बोस को कल समन मिला था. बांग्ला दैनिक ‘प्रतिदिन’ के मालिक श्री बोस ने कभी निलंबित तृणमूल राज्यसभा सदस्य कुणाल घोष को संपादक के तौर पर अखबार में नियुक्त किया था. सारधा मामले में अपनी कथित भूमिका के कारण घोष अभी जेल में हैं.
बहरहाल, सीने में दर्द की शिकायत के बाद पश्चिम बंगाल के पूर्व डीजीपी रजत मजूमदार का एक सरकारी अस्पताल एनआरएस में उपचार चल रहा है. सीबीआइ ने सारधा घोटाला मामले में पूछताछ के बाद कल उन्हें गिरफ्तार किया था. उन्हें गिरफ्तारी के ठीक बाद कल आईसीयू में भर्ती कराया गया. बुधवार को सीबीआइ ने अलीपुर अदालत में हालांकि उन्हें पेश नहीं कर पायी, लेकिन पूछताछ के लिए सात दिनों तक हिरासत में भेजने की अपील की. दूसरी ओर, विधाननगर नगरपालिका के चेयरमैन कृष्णा चक्रवर्ती के पति समीर चक्रवर्ती को भी सीबीआइ ने पूछताछ के लिए बुलाया है. सीबीआइ सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं को सामने बैठाकर पूछताछ की जायेगी.
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