सैकड़ों मछुआरों के साथ 50 ट्रॉलर समुद्र में लापता

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-कोलकाता संवाददाता- कोलकाता: मूसलाधार बारिश एवं जोरदार तूफान के बीच बंगाल की खाड़ी में 50 ट्रॉलर लापता हो गये हैं. सूत्रों के अनुसार इन ट्रॉलरों पर लगभग 600 मछुआरे सवार हैं. दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप से यह सभी ट्रॉलर मछली पकड़ने के लिए बंगाल की खाड़ी में गये थे. लापता ट्रॉलरों की तलाश के […]

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-कोलकाता संवाददाता-

कोलकाता: मूसलाधार बारिश एवं जोरदार तूफान के बीच बंगाल की खाड़ी में 50 ट्रॉलर लापता हो गये हैं. सूत्रों के अनुसार इन ट्रॉलरों पर लगभग 600 मछुआरे सवार हैं. दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप से यह सभी ट्रॉलर मछली पकड़ने के लिए बंगाल की खाड़ी में गये थे. लापता ट्रॉलरों की तलाश के लिए कोस्ट गार्ड की मदद ली गयी है. उधर, मत्स्य निदेशालय (समुद्री) के निदेशक संदीप मंडल ने दावा किया है कि कुछ ट्रॉलरों का पता लगा लिया गया है. हल्दिया से आयी कोस्ट गार्ड की एक यूनिट बंगाल की खाड़ी में लापता ट्रॉलरों की तलाश कर रही है.

तटीय पुलिस भी इस काम में मदद कर रही है, पर जोरदार तुफान एवं खराब मौसम के कारण तलाशी अभियान में काफी दिक्कत आ रही है. हम लोग स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. यह सभी ट्रॉलर मछली पकड़ने के लिए कई दिन पहले बंगाल की खाड़ी में गये थे. श्री चटर्जी ने कहा कि कभी कभी नौकाएं तटवर्ती क्षेत्र में रेडियो संपर्क स्थापित नहीं कर पाते हैं, जिससे घबराहट उत्पन्न हो जाती है. इस मामले में अधिकतर नौकाएं तूफान में फंसी हुई थीं. उन्होंने बताया कि जिला के रायदीघी से रवाना हुए पांच अन्य ट्रॉलर ओडिशा के धमरा बंदरगाह पहुंच गये थे.

उन पर सवार सभी मछुआरे सुरक्षित हैं. काकद्वीप फिशरमैन एसोसिएशन के सचिव बिजन माइती ने बताया कि रात में इन सभी टॉलरों के वायरलेस सेट से हमारा संपर्क टूट गया. सवेरा होने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया. मौसम साफ होने पर हेलीकॉप्टर से भी ट्रॉलरों एवं मछुआरों को तलाश किया जायेगा. श्री माइती ने आरोप लगाया कि हमेशा की तरह इस बार भी मौसम विभाग अथवा प्रशासन की तरफ से मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की किसी प्रकार की चेतावनी नहीं दी गयी थी, जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में मछुआरों पर संकट आया है. दूसरी तरफ जिला के जंबु द्वीप के पास रविवार रात तीन ट्रॉलर डूब गये. इन ट्रॉलरों के नाम सूर्यनारायण, महारुद्र एवं सरस्वती है.

आसपास मौजूद अन्य नौकाओं ने महारुद्र एवं सरस्वती ट्रॉलरों पर सवार मछुआरों को तो बचा लिया, पर आठ मछुआरे अभी भी लापता हैं. सुंदरवन विकास मंत्री मंटूराम पाखिरा ने कहा कि उन लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं और तटरक्षक बल को अलर्ट कर दिया गया है. राज्य सरकार सहायता प्राप्त मछुआरा संघ के सचिव जयकृष्ण हाल्दर ने बताया कि प्रत्येक नौका पर 16 मछुआरे सवार थे और ये सभी कुछ दिन पहले मछली पकड़ने के लिए समुद्र में गये थे. यद्यपि संघ के काकद्वीप स्थित संपर्क इकाई और नौकाओं के बीच सम्पर्क कल रात तूफान के बाद टूट गया. श्री हाल्दर ने बताया कि बचाये गए मछुआरों का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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