ePaper

सक्रिय हो गये हैं नशाखुरानी गिरोह के सदस्य

Updated at : 09 May 2019 1:05 AM (IST)
विज्ञापन
सक्रिय हो गये हैं नशाखुरानी गिरोह के सदस्य

क्या आप भी ट्रेन से सफर करनेवाले हैं ? हावड़ा, सियालदह, कोलकाता और बर्दवान स्टेशनों से लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों पर होती है इनकी नजर पूर्व रेलवे नशाखुरानी गिरोह के खिलाफ चला रहा है विशेष अभियान कोलकाता : गर्मियों की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में होने वाली भीड़ के साथ […]

विज्ञापन

क्या आप भी ट्रेन से सफर करनेवाले हैं ?

हावड़ा, सियालदह, कोलकाता और बर्दवान स्टेशनों से लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों पर होती है इनकी नजर

पूर्व रेलवे नशाखुरानी गिरोह के खिलाफ चला रहा है विशेष अभियान

कोलकाता : गर्मियों की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में होने वाली भीड़ के साथ ही ट्रेनों में आपराधिक वारदातोें का ग्राफ भी बढ़ जाता है. खासकर नशाखुरान गिरोह के लोग सबसे ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं. पिछले दुर्गापूजा व क्रिसमस की छुट्टियों में ऐसी कई वारदातें देखने को मिली थीं. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे सुरक्षा बल ने गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही हावड़ा व सियालदह स्टेशनों के साथ सभी बड़े स्टेशनों पर निगरानी तेज कर दी है.

जहां ट्रेनों की जनरल बोगियों की वीडियोग्राफी की जा रही है, वहीं नशाखुरानी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है. नशाखुरान ज्यादातर हावड़ा से दिल्ली रूट की ट्रेनों को अपना शिकार बनाते हैं. इसमें विभूति एक्सप्रेस, पंजाब मेल, दानापुर एक्सप्रेस, कालका मेल, पूर्वा एक्सप्रेस और सियालदह स्टेशन से रवाना होने वाली पूर्वाचल एक्सप्रेस और बलिया एक्सप्रेस हैं. आरपीएफ द्वारा हावड़ा, कोलकाता, सियालदह, बालीगंज और बर्दमान स्टेशनों पर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है.

नशाखुरानी गिरोह के लोग ऐसे करते हैं शिकार की तलाश

जहरखुरान अपने शिकार की पहचान स्टेशनों पर ही कर लेते हैं. उनके लोग यात्रियों को स्टेशन परिसर में घुसने से पहले नजर रखना शुरू कर देते हैं. ये विभिन्न तरीके अपना कर यात्रियों का विश्वास जीतते हैं. इसके साथ ही ज्यादा मेल-जोल होने के बाद खाने-पीने का ऑफर करते हैं. जैसे चाय, केला, पीने का पानी, भोजन, कोकाकोला और मिठाई खिलाना, जिसमें ये नशीली दवा मिलाये रहते हैं. कई मामलों में देखा गया कि फलों में नशा इंजेक्ट कर दिया जाता है.

इसे खाते ही लोग मिनटों में बेहोश हो जाते हैं. इसके साथ ही नशाखुरानी गिरोह के लोग कई बार नशीले स्प्रे का भी इस्तेमाल करते हैं. इस तरह के स्प्रे करते ही आसपास बैठे लोग चंद मिनटों में बेहोश हो जाते हैं. बहुत बार ये लोग कपड़े और रुमाल में पाउडर रखे रहते हैं और मौका मिलते ही सुंघा देते हैं.

नशाखुरानी से बचने के उपाय

ट्रेनों में किसी अंजान पर विश्वास न करें.

किसी अंजान का दिया न खायें, न पीयें.

खाने-पीने की वस्तुएं रेलवे के वैध हॉकरों से ही खरीदें.

संदेहास्पद व्यक्ति की सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या रेलवे पुलिस को दें.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola