आधा यूपी नहीं जानता प्रदेश में है एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय, दाखिला मिलना सपने के सच होने जैसा

बीएचयू की बिल्डिंग (BHU PG Admission 2025)
BHU Asia's Biggest University: उत्तर प्रदेश के बनारस में स्थित बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी एशिया की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी है. यहां हर साल हजारों छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं. BHU का विशाल कैंपस, ऐतिहासिक महत्व और बेहतरीन सुविधाएं इसे विश्वस्तरीय बनाती हैं.
BHU Asia’s Biggest University: उत्तर प्रदेश अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि यह प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में भी एक बड़ा मुकाम रखता है. यहां एशिया की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी स्थित है, जो न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया में शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र मानी जाती है. यह विश्वविद्यालय हर साल हजारों छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर देता है और प्रदेश की शैक्षणिक पहचान को नई दिशा देता है. यहां से न केवल देश के कोने-कोने से बल्कि विदेशों से भी छात्र पढ़ने आते हैं.
इस जिले में है एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय
एशिया के सबसे बड़े विश्वविद्यालय के रूप में जिस विश्वविद्यालय का नाम शुमार है, उसका नाम बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) है, जिसे हिन्दी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता है. काशी की पावन धरती पर स्थित BHU का कैंपस इतना बड़ा है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी भी इसके सामने छोटा पड़ जाता है.
30 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स
BHU की इमारतें इंडो-गोथिक शैली में बनाई गई हैं, जहां हर साल करीब 30 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स शिक्षा हासिल करते हैं. यहां का स्टूडेंट्स न सिर्फ प्रदेश, देश बल्कि विश्व में भी अपना नाम रोशन करता है. यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के रहने के लिए आधुनिक हॉस्टल और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.
BHU बनने के पीछे की ये है कहानी
BHU की नींव 1916 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर चुके पंडित मदन मोहन मालवीय ने रखी थी. इस विश्वविद्यालय का निर्माण अपने आप में एक रोचक और ऐतिहासिक कहानी समेटे हुए है. बताया जाता है कि उस दौर में काशी नरेश ने विश्वविद्यालय के लिए जमीन देने का वादा किया था. शर्त थी कि मालवीय जी जितनी जमीन पैदल चलकर नाप लेंगे, वह पूरी जमीन BHU को दी जाएगी. कहा जाता है कि मालवीय जी ने पूरे दिन पैदल चलकर करीब 11 गांव, 70 हजार पेड़, 1 हजार पक्के कुएं, 20 कच्चे कुएं, 860 कच्चे मकान और 40 पक्के मकान की जमीन BHU के नाम करवाई. इतना ही नहीं, बनारस के राजा ने एक मंदिर और धर्मशाला भी विश्वविद्यालय को दान में दी थी.
दाखिला लेना सपने के सच होने जैसा
BHU आज भी भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों में सबसे प्रमुख स्थान रखता है, जहां दाखिला पाना किसी सपने के सच होने जैसा माना जाता है. यहां पढ़ने के बाद छात्रों के लिए करियर की संभावनाएं भी काफी मजबूत हो जाती हैं.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shashank Baranwal
जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




