बीएचयू: छात्रों ने UGC चेयरमैन का पुतला फूंककर जताया विरोध, पीएचडी प्रवेश परीक्षा अंग्रेजी में करने से आक्रोश

Published by : Sandeep kumar Updated At : 11 Aug 2023 1:33 PM

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बीएचयू के छात्रों ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी करने पर विरोध जताया. सिंह द्वार से रविदास गेट तक प्रतिकार मार्च निकालकर यूजीसी चेयरमैन का पुतला जलाया.

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Varanasi: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) सहित देश के चार केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम होना है. इसके लिए परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख जारी हो गई है. इस बार काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की परीक्षा NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) द्वारा कराई जानी है. यूजीसी द्वारा इसका फैसला लिया गया है. वहीं यह परीक्षा अंग्रेजी माध्यम में कराई जानी है. इसको लेकर बीएचयू के छात्रों ने विरोध जताया है. छात्रों ने सिंह द्वार से रविदास गेट तक विरोध मार्च निकालकर यूजीसी चेयरमैन और चारों केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इसके बाद छात्रों ने यूजीसी चेयरमैन का पुतला जलाया.

दरअसल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए पीएचडी एंट्रेंस प्रोग्राम जारी कर दिया है. वहीं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में पहली बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से पीएचडी में एडमिशन होंगे. इससे पहले NET या RET के तहत PHD में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की जाती थी. वहीं इस बार केंद्रीय नियमों में बदलाव कर दिया गया है. इसके बाद पीएचडी में एडमिशन प्रक्रिया नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम कराई जा रही है. वहीं इस परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी होगा.

रविदास गेट तक निकाला गया मार्च

गुरुवार को विरोध करते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों ने बीएचयू सिंह द्वार से रविदास गेट तक प्रतिकार मार्च निकाला. इसके साथ ही यूजीसी के चेयरमैन और चारों केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इसके साथ ही यूजीसी चेयरमैन का प्रतीकात्मक पुतला फूंका. छात्रों का कहना है कि यूजीसी द्वारा राष्ट्रीय एजेंसी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित शोध प्रवेश परीक्षा में देश के प्रतिष्ठित केन्द्रीय विद्यालय शामिल हैं. परीक्षा के प्रश्न पत्र का माध्यम अंग्रेजी प्रस्तावित कर हिंदी भाषी विद्यार्थियों की अनदेखा की गई है.

फैसला वापस लेने की मांग

विरोध में शामिल छात्र अभिषेक सिंह ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा यूजीसी के अंतर्गत भारत के चार प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय BHU, JNU, DU और BBAU में शोध की प्रवेश परीक्षा को पूर्ण रूप से अंग्रेजी माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया है. हिंदुस्तान में हिंदी भाषा के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है? हिंदी को अनदेखा करके यूजीसी अपने आप को सही कैसे साबित कर सकती है. हम सभी छात्र इसका पूरा विरोध करते हैं. विरोध कर रहे छात्रों ने यह मांग की कि इस फैसले को जल्द से जल्द वापस लिया जाए.

NTA की तरफ से दी गई जानकारी

काशी हिंदू विश्वविद्यालय का पीएचडी एंट्रेंस प्रोग्राम जारी कर दिया गया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दिल्ली विश्वविद्यालय, JNU और BBAU का भी पीएचडी एंट्रेंस प्रोग्राम जारी किया है. जारी अधिसूचना के मुताबिक देशभर के 97 सेंटरों पर एंट्रेंस एग्जाम होगा. इसके साथ ही फॉर्म भरने की आखिरी डेट भी बताया गया है. NTA की तरफ से वेबसाइट पर सारी जानकारी दे दी गई है. इसके साथ ही https://phd-entrance.samarth.ac.in/ पर अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का ऑप्शन मिलेगा.

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