"संत रविदास के नाम पर सिर्फ वोटबैंक की सियासत", पंजाब चुनाव से पहले मायावती का BJP-AAP पर तीखा हमला

Updated:
विज्ञापन

मायावती

UP Politics: बसपा प्रमुख मायावती ने संत गुरु रविदास जी से जुड़े धार्मिक स्थलों के मुद्दों को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने तुगलकाबाद और पंजाब की घटनाओं का हवाला देते हुए दोनों पार्टियों पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है.

विज्ञापन

UP Politics: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने संतगुरु रविदास जी से जुड़े धार्मिक स्थलों और उनके अनुयायियों के मुद्दे को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है. उन्होंने 10 अगस्त 2019 को दिल्ली के तुगलकाबाद में संतगुरु रविदास जी के गुरुघर को गिराए जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने वाली संगत को लाठीचार्ज, आंसू गैस, गिरफ्तारियों और मुकदमों का सामना करना पड़ा था.

तुगलकाबाद की घटना का किया जिक्र

मायावती ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि गुरुघर को गिराए जाने के साथ उसकी भूमि भी छीन ली गई. उन्होंने दावा किया कि आज भी संगत को लोहे के अस्थायी टीन शेड में गुरुजी के दर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. मायावती ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाली स्थिति बताया और कहा कि यह घटना समाज की स्मृति में आज भी दर्ज है.

पंजाब चुनाव को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

बसपा प्रमुख ने कहा कि पंजाब चुनाव नजदीक आने के साथ भाजपा संतगुरु रविदास जी के नाम पर कलश यात्रा निकालकर समाज को उनके बेगमपुरा के लक्ष्य से भटकाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने पंजाब के धलेता गांव में गुरुघर की दीवार गिराए जाने का भी जिक्र किया. मायावती के मुताबिक, इस मामले में संगत और बसपा की ओर से आवाज उठाने पर गिरफ्तारियां हुईं. बाद में आम आदमी पार्टी की सरकार को झुकना पड़ा और गुरुघर का पुनर्निर्माण कराना पड़ा.

‘भाजपा और आप की राजनीति से सतर्क रहें’

मायावती ने समाज से भाजपा और आम आदमी पार्टी की राजनीति से सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि ‘पराधीनता का अंत एवं बेगमपुरा का संकल्प’ संतगुरु रविदास जी सम्मान यात्रा तुगलकाबाद से धलेता गांव तक पहुंच रही है. उन्होंने समूह संगत से इस यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया. बसपा प्रमुख ने कहा कि संतगुरु रविदास जी के बेगमपुरा के आदर्श, सम्मान, समानता और न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है. साथ ही उन्होंने गुरुघरों की गरिमा, धार्मिक अधिकारों और संतगुरु रविदास जी के सपनों के अनुरूप पराधीनता मुक्त समाज के निर्माण के संकल्प को मजबूत करने की अपील की.

क्या है मायावती के बयान का मुख्य मुद्दा?

मायावती ने अपने बयान में मुख्य रूप से संतगुरु रविदास जी से जुड़े धार्मिक स्थलों की गरिमा, श्रद्धालुओं के धार्मिक अधिकार और समाज के सम्मान का मुद्दा उठाया है. उन्होंने तुगलकाबाद और धलेता गांव की घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा और आम आदमी पार्टी पर रविदास समाज के मुद्दों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने समाज से ऐसी राजनीतिक गतिविधियों से सतर्क रहने और संतगुरु रविदास जी के बेगमपुरा के आदर्श, समानता, सम्मान और न्याय के संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की है.

Must Read- यूपी में बीजेपी को चुनौती देगी करणी सेना, 50-70 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान, अम्मू बोले- घमंड चूर करेंगे



विज्ञापन
Komal Agarwal

लेखक के बारे में

By Komal Agarwal

कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola