UP News : वैश्विक जंबूरी में दमकेगी उत्तर प्रदेश की पहचान

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 20 Nov 2025 11:57 AM

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19वें राष्ट्रीय जंबूरी की मेजबानी उत्तर प्रदेश कर रहा है (Photo: AI)

UP News : छह दशक बाद यूपी को जंबूरी की ऐतिहासिक मेजबानी मिली है. लखनऊ सांस्कृतिक राजधानी बनेगा. हजारों प्रतिभागियों के बीच ओडीओपी उत्पादों की खास प्रदर्शनी होगी.

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UP News : उत्तर प्रदेश की कला, संस्कृति, परंपरा और शिल्पकला को वैश्विक पहचान देने का अवसर इस वर्ष और भव्य होने जा रहा है. भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी की मेजबानी इस बार छह दशक बाद उत्तर प्रदेश कर रहा है. 23 से 29 नवंबर तक राजधानी लखनऊ में आयोजित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन दुनिया भर से आने वाले 32,000 से अधिक प्रतिभागियों की मेजबानी करेगा, जिनमें 2,000 विदेशी प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. इस विशाल आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण होगा एक जिला–एक उत्पाद (ओडीओपी) का भव्य प्रदर्शन, जिसे पहली बार इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाने की तैयारी है. 

ओडीओपी की वैश्विक उड़ान: कारीगरों को मिलेगा नया बाजार

जंबूरी के ओडीओपी पवेलियन में उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और पारंपरिक उत्पादों को विशेष स्थान दिया गया है. इसमें शामिल हैं—

*बनारसी और रेशमी साड़ियाँ

*लखनऊ की चिकनकारी

*चंदौली की ज़री–ज़रदोज़ी

*आगरा का पेठा

*गाज़ीपुर की जूट वॉल हैंगिंग्स

*जौनपुर के ऊनी कारपेट

यह प्रदर्शन न केवल इन उत्पादों की सुंदरता और कारीगरी को दुनिया के सामने रखेगा बल्कि उत्तर प्रदेश के शिल्पकारों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक सीधी पहुँच भी दिलाएगा. इससे उनकी पहचान, मांग और आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है. असिस्टेंट रीजनल ऑर्गनाइजेशन कमिश्नर जयप्रकाश दक्ष के मुताबिक, “दुनिया भर से आए प्रतिनिधि यूपी की कारीगरी को करीब से समझेंगे—यह शिल्पकारों के लिए बड़ा अवसर है.”

पर्यटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति

जंबूरी जैसा अंतरराष्ट्रीय आयोजन उत्तर प्रदेश के लिए कई आर्थिक अवसर भी लेकर आएगा—स्थानीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग

*पर्यटन और होटल उद्योग को नई गति

*निवेशकों के लिए आकर्षक संभावनाएँ

*बड़ी संख्या में रोजगार और व्यापारिक अवसर
लाखों प्रतिभागियों और हजारों विदेशी मेहमानों की मौजूदगी लखनऊ को आने वाले सप्ताह में भारत की सांस्कृतिक राजधानी बना देगी.

कला, भोजन और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम

जंबूरी परिसर में उत्तर प्रदेश के स्वाद और संस्कृति का भी भव्य प्रदर्शन होगा। पारंपरिक व्यंजन

विशेष आकर्षण होंगे—

*पूड़ी–कचौरी

*जलेबी

*बनारसी पान

*चाट

*विभिन्न क्षेत्रीय मिठाइयाँ

इसके साथ ही लोक नृत्य, लोकगीत, पारंपरिक परिधान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ प्रतिभागियों को

उत्तर प्रदेश की जीवंत विरासत से रूबरू कराएँगी.

लीडर ट्रेनर अमिताभ पाठक ने बताया— “यह मंच ओडीओपी की वैश्विक पहचान मजबूत करेगा और यूपी की सांस्कृतिक संपदा को दुनिया के सामने पेश करेगा.”

‘सशक्त युवा–विकसित भारत’ थीम पर केंद्रित आयोजन

19वीं राष्ट्रीय जंबूरी की थीम है—‘सशक्त युवा–विकसित भारत’, जो युवाओं की ऊर्जा, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता को प्रदर्शित करेगी। यह केवल स्काउट्स–गाइड्स का आयोजन नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक वैभव और सामाजिक विविधता का उत्सव भी है.

निष्कर्ष: यूपी की कला और उद्यमिता को मिलेगा विश्व–स्तरीय मंच

जंबूरी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की—

*संस्कृति,

*लोक कला,

*ओडीओपी उत्पाद,

*परंपरा,

*खान–पान,

*उद्यमिता और नवाचार को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलने जा रही है. यह आयोजन पर्यटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी नए द्वार खोलेगा, जिससे उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक स्थिति और सशक्त होगी.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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