बेंगलुरु-हैदराबाद को चुनौती देगा यूपी? AI सिटी का ऐसा प्लान, जो बदल सकता है लाखों युवाओं का भविष्य

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AI सिटी का प्लान, बदलेगा भविष्य (AI)

UP News: उत्तर प्रदेश देश के अगले टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप हब के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है. AI सिटी, डेटा सेंटर और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर सरकार बड़ा दांव लगा रही है. जानिए क्या है इस योजना का भविष्य.

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UP News: उत्तर प्रदेश खुद को देश के अगले टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकार वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के साथ AI सिटी, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर बड़ा दांव लगा रही है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि असली सफलता तभी होगी जब निवेश बड़े पैमाने पर रोजगार और स्थानीय युवाओं के अवसरों में बदले.

AI सिटी और डेटा सेंटर पर सरकार का बड़ा दांव

सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश देश के 65 फीसदी मोबाइल निर्माण में योगदान दे रहा है और अब राज्य में 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है. इसके साथ AI, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है.

रोजगार सबसे बड़ी परीक्षा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2017-18 में जहां बेरोजगारी दर 5.5 फीसदी थी, वहीं 2023-24 में यह करीब 3 फीसदी तक पहुंची है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल बेरोजगारी दर कम होना पर्याप्त नहीं है. असली सवाल यह है कि युवाओं को कितनी स्थायी, बेहतर वेतन वाली और गुणवत्तापूर्ण नौकरियां मिल रही है.

MSME और टेक्सटाइल से छोटे शहरों को उम्मीद

सरकार ने 2026-27 के बजट में टेक्सटाइल और हैंडलूम क्षेत्र के लिए करीब 5,041 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और 30 हजार नए रोजगार का लक्ष्य रखा है. साथ ही MSME और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर गांवों और छोटे शहरों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की रणनीति अपनाई जा रही है.

क्या बेंगलुरु जैसी पहचान बना पाएगा यूपी?

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल इमारतें, एक्सप्रेसवे और डेटा सेंटर किसी राज्य को टेक हब नहीं बनाते. इसके लिए मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम, आसान फंडिंग, स्किल्ड टैलेंट और पलायन रोकने वाले रोजगार की जरूरत होगी. फिलहाल उत्तर प्रदेश ने मजबूत शुरुआत की है, लेकिन बेंगलुरु और हैदराबाद जैसी वैश्विक पहचान बनाने के लिए अभी लंबा सफर तय करना बाकी है.

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खुशबू कुमारी

लेखक के बारे में

By खुशबू कुमारी

खुशबू कुमारी पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज, से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है तथा वर्तमान में इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन एंड डिजिटल मीडिया) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें जनहित से जुड़ी खबरों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइन में विशेष रुचि है. वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर शोधपरक, तथ्यपरक और पाठकों के लिए उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं. उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है, ताकि समाचार केवल सूचना का माध्यम न होकर समाज के लिए उपयोगी साबित हों.

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