उत्तर प्रदेश में हो सकता है बड़ा परिवर्तन, 10 सीटों पर उपचुनाव को लेकर योगी कैबिनेट में मंथन
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 17 Jul 2024 1:53 PM
UP Chief Minister Yogi Adityanath / File Photo
UP cabinet meeting : उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं और बीजेपी इन सीटों पर जीत दर्ज करना चाहती है. इसके लिए पार्टी में मंथन जारी है ,
UP cabinet meeting : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई थी. यूपी कैबिनेट की इस बैठक को बहुत ही अहम माना जा रहा है क्योंकि सूत्रों के हवाले से जो सूचना आ रही है, उसके अनुसार उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव संभव है. उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं और बीजेपी इन सीटों पर जीत दर्ज करना चाहती है. इसके लिए पार्टी में मंथन जारी है और संभव है कि मंत्रिमंडल और संगठन दोनों में ही बड़ा बदलाव हो.
शीर्ष नेतृत्व अभी योगी को सजा नहीं देना चाहता
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस बात के संकेत दिए हैं कि कोई बड़ा बदलाव जल्द ही होने जा रहा है. उन्होंने यह कहा है कि सरकार से बड़ा संगठन है. मौर्य जैसे संकेत दे रहे हैं, उसमें यह आशंका भी जताई जा रही है कि सीएम पद को लेकर भी पार्टी में मंथन चल रहा है. केशव प्रसाद मौर्य ने जेपी नड्डा से भी मुलाकात की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अभी सीएम पद पर किसी दूसरे व्यक्ति को लाने के पक्ष में नहीं है.
अति आत्मविश्वास पार्टी के खराब प्रदर्शन का जिम्मेदार
लोकसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में उनकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा. इसपर योगी आदित्यनाथ ने अति आत्मविश्वास को जिम्मेदार ठहराया था. अब पार्टी विधानसभा उपचुनाव के लिए काफी फूंक-फूंक कर कदम रखना चाहती है, ताकि उन्हें और नुकसान ना उठाना पड़े. योगी कैबिनेट की आज जो बैठक हो रही है, उसमें इन्हीं मुद्दों पर चर्चा होगी. योगी अपने मंत्रियों से सलाह -मशविरा करने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे.
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बीजेपी प्रदेश में कमजोर हुई है : अखिलेश यादव
योगी कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कैबिनेट की बैठक में विकास परियोजनाओं, बाढ़ की स्थिति पर चर्चा हुई. साथ ही विधानसभा उपचुनाव पर भी चर्चा हुई, क्योंकि हमें दस में से दस सीट जीतनी है. जब उनसे मीडिया ने नेतृत्व परिवर्तन से जुड़े सवाल पूछे, तो वे बिना जवाब दिए अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है और कहा है कि पार्टी प्रदेश में काफी कमजोर हो गई है.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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