Solar Energy in UP : सूर्यवंश की राजधानी अयोध्या बन रही सौर ऊर्जा का नया केंद्र
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 06 Dec 2025 11:13 AM
अयोध्या को सौर ऊर्जा सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है.
Solar Energy in UP : योगी सरकार की सौर नीति से आमजन को सीधा लाभ पहुंच रहा है. हजारों घरों तक सस्ती बिजली पहुंच रही है.
Solar Energy in UP : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को सौर ऊर्जा सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसका सीधा और सकारात्मक असर पूरे अयोध्या मंडल में देखने को मिल रहा है. बीते एक वर्ष में हजारों परिवारों ने सौर ऊर्जा कनेक्शन लेकर न सिर्फ बिजली बिल से राहत पाई है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बने हैं.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में अब तक अयोध्या मंडल में कुल 33,269 लोगों ने सोलर रूफटॉप योजना के तहत पंजीकरण कराया है, जबकि 16,213 से अधिक घरों में सौर ऊर्जा कनेक्शन स्थापित किए जा चुके हैं. पंजीकरण और कनेक्शन दोनों मामलों में बाराबंकी जिला मंडल में शीर्ष स्थान पर है, जबकि रामनगरी अयोध्या दूसरे स्थान पर बनी हुई है.
मंडलवार पंजीकरण और कनेक्शन की स्थिति
अब तक हुए पंजीकरण
बाराबंकी: 10,445
अंबेडकर नगर: 5,575
अयोध्या: 7,808
सुल्तानपुर: 4,360
अमेठी: 5,081
अब तक स्थापित सोलर कनेक्शन
बाराबंकी: 6,425
अयोध्या: 3,475
सुल्तानपुर: 1,893
अंबेडकर नगर: 2,363
अमेठी: 2,057
आंकड़े यह बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग तेजी से सौर ऊर्जा की ओर रुख कर रहे हैं.
अयोध्या को सोलर सिटी बनाने की दिशा में बड़े कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुरूप अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत यूपीनेडा द्वारा अयोध्या में 40 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया जा चुका है। इसके अलावा घर-घर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने का अभियान तेजी से चल रहा है. सरकार की ओर से योजना के प्रचार-प्रसार के लिए ‘सोलर सखी’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं डोर-टू-डोर जाकर लोगों को सौर ऊर्जा के फायदे समझा रही हैं और पंजीकरण में सहायता कर रही हैं.
क्या है पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत आम नागरिक अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगवाकर प्रतिदिन 4 से 5 यूनिट तक बिजली स्वयं पैदा कर सकते हैं. 1 किलोवॉट संयंत्र के लिए लगभग 10 वर्गमीटर छाया रहित छत जरूरी होती है. उत्पादित बिजली का उपयोग घर में करने के बाद बची हुई बिजली ग्रिड में चली जाती है. नेट मीटरिंग के माध्यम से बिजली बिल में समायोजन किया जाता है. संयंत्र पर किया गया खर्च 3 से 4 वर्षों में बिजली बिल की बचत से पूरा वसूल हो जाता है.
केंद्र और प्रदेश सरकार दे रही भारी अनुदान
सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर संयंत्र पर बड़ा अनुदान दिया जा रहा है—
┌───────────────┬───────────────┬──────────────┬───────────────┐
│ क्षमता │ केंद्र अनुदान │ राज्य अनुदान │ कुल अनुदान │
├───────────────┼───────────────┼──────────────┼───────────────┤
│ 1 किलोवॉट │ ₹30,000 │ ₹15,000 │ ₹45,000 │
│ 2 किलोवॉट │ ₹60,000 │ ₹30,000 │ ₹90,000 │
│ 3 किलोवॉट │ ₹78,000 │ ₹30,000 │ ₹1,08,000 │
└───────────────┴───────────────┴──────────────┴─────────एक से दस किलोवॉट क्षमता वाले संयंत्र की अनुमानित लागत ₹60,000 से ₹65,000 प्रति किलोवॉट के बीच होती है. संयंत्र स्थापित होने के बाद अनुदान की राशि सीधे उपभोक्ता के खाते में भेजी जाती है.
योजना का लाभ कैसे लें
-आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल: https://pmsuryaghar.gov.in/
-मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है.
-सोलर प्लांट लगाने के लिए सरकारी पोर्टल पर सूचीबद्ध बैंकों से ऋण सुविधा भी दी जा रही है.
-डिस्कॉम और जिलेवार लक्ष्य निर्धारित कर योजना को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है.
पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से न सिर्फ आम नागरिकों को सस्ती बिजली मिल रही है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आ रही है. सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि अयोध्या मंडल को पूर्ण रूप से ग्रीन एनर्जी बेल्ट के रूप में विकसित किया जाए.
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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