राहुल गांधी-मोची राम चेत की पार्टनरशिप, 10 लाख में बिकेगी राहुल की सिली चप्पल!

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 02 Aug 2024 7:44 AM

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Rahul Gandhi : उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के कूरेभार क्षेत्र के विधायक नगर में स्थित मोची राम चेत को लेकर एक खास खबर आ रही है जिसकी चर्चा हर किसी की जुबान पर हैं. जानें क्या है वह खबर

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Rahul Gandhi : उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के कूरेभार क्षेत्र के विधायक नगर में स्थित मोची राम चेत इन दिनों चर्चा में हैं. आइए आपको बताते हैं इसकी वजह…दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सिली गई चप्पल के लिए उन्हें 10 लाख रुपये तक की पेशकश की गई, लेकिन उन्होंने इसे बेचने से इनकार कर दिया. इसकी वजह राम चेत ने बताई और कहा- वह कांच के फ्रेम में उस ‘लकी’ चप्पल को रखना चाहते हैं.

सुलतानपुर जिले में पिछले दिनों राहुल गांधी एक केस के सिलसिले में पहुंचे थे. वापसी के वक्त कांग्रेस नेता अचानक मोची राम चेत की दुकान पर रुके और इस दौरान उन्होंने एक चप्पल की सिलाई की. कूरेभार क्षेत्र के विधायक नगर में स्थित राम चेत मोची की दुकान पर इसे देखने लोग पहुंच रहे हैं. राहुल गांधी के उनकी दुकान पर बैठने से उनका भाग्य ही बदल गया है. राम चेत से जब यह पूछा गया कि राहुल गांधी जब से आपकी दुकान पर आए हैं आप कैसा महसूस कर रहे हैं, तो राम चेत ने कहा- मेरी तो दुनिया ही बदल गई है. मुझे जो कोई नहीं जानता था अब मेरी दुकान पर आकर मेरे साथ सेल्फी लेते हैं.

राम चेत ने चप्पल बेचने से किया इनकार

जब उनसे सवाल किया गया कि जिस चप्पल की राहुल गांधी ने सिलाई की थी अब उसकी बोली लग रही है. इस पर राम चेत ने कहा- मेरे पास बहुत कॉल आ रहे हैं उस चप्पल को देने के लिये. उस चप्पल की कीमत 10 लाख रुपये तक लग चुकी है. मैंने कहा कि मैं इस चप्पल को नहीं दे सकता हूं ऐसा इसलिए क्योंकि यह चप्पल मेरे लिए भाग्यशाली है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि मंगलवार को मेरे पास प्रतापगढ़ से कॉल आया कि जो चप्पल राहुल गांधी जी ने सिला है वह मुझे दे दो मैं तुम्हें 5 लाख रुपये दूंगा. मैंने कहा कि यह चप्पल मैं नहीं दूंगा. उसने कहा कि यदि रुपये कम हो तो मैं 10 लाख रुपये दूंगा. मैंने कहा कि मुझे चप्पल नहीं बेचना है फोन रखो.

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राम चेत के पार्टनर हो गए राहुल गांधी

जब सवाल किया गया कि इस चप्पल का वह क्या करेंगे तो राम चेत ने सहज अंदाज में कहा- मैं इसे शीशे में फ्रेम कराकर अपनी दुकान में रखूंगा. राहुल गांधी अब हमारे दुकान के पार्टनर हो गए हैं. मेरी दुकान पर बैठकर राहुल गांधी ने चप्पल की सिलाई का काम किया है इसलिए वह मेरे पार्टनर हो चुके हैं.
(इनपुट पीटीआई)

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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