संगम नगरी में गंगा-यमुना उफान पर, प्रयागराज में बाढ़ की आहट से सहमे लोग, घरों में घुसा बाढ़ का पानी
प्रयागराज में बाढ़ की आहट, जलमग्न हुई निचली बस्तियां (AI)
संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. दारागंज की निचली बस्तियों में बाढ़ का पानी घुसने से कई परिवार बेघर हो गए हैं. प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है.
UP News : संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदियों के बढ़ते पानी का असर अब दारागंज की निचली बस्तियों और झोपड़ियों में दिखाई देने लगा है. कई झोपड़ियों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. लोग अपने बच्चों और घरेलू सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं. हालांकि, फिलहाल दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बताया जा रहा है.
दारागंज की निचली बस्तियों में घुसा पानी
गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के चलते दारागंज की निचली बस्तियां बाढ़ की चपेट में आने लगी हैं. कई परिवारों की झोपड़ियों में पानी भर गया है, जबकि कुछ झोपड़ियां पानी में डूब गई हैं. बाढ़ का पानी घरों में घुसने के बाद लोग जरूरी सामान को निकालकर ऊंचे स्थानों पर पहुंचा रहे हैं. बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी सुरक्षित जगह ले जाने की कोशिश की जा रही है.
खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार
बाढ़ प्रभावित परिवारों का कहना है कि हर साल जलस्तर बढ़ने के दौरान उन्हें इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है. लोगों का आरोप है कि बार-बार बाढ़ की समस्या सामने आने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. कई परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है और वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. लोग अपने घरेलू सामान को किसी तरह पानी से बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां भी जलमग्न
बढ़ते जलस्तर का असर धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई देने लगा है. दारागंज स्थित दशाश्वमेध घाट की कई सीढ़ियां गंगा के पानी में डूब गई हैं. इसके बावजूद श्रद्धालु घाट पर पहुंच रहे हैं और गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और गहरे पानी में नहीं जाने की अपील की जा रही है.
प्रशासन ने राहत चौकियां कीं सक्रिय
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है. जिलाधिकारी के निर्देश पर बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है. संबंधित विभागों की टीमें संवेदनशील इलाकों में निगरानी कर रही हैं. प्रशासन का कहना है कि गंगा और यमुना के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है. जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाएगा.
खतरे के निशान से नीचे है जलस्तर
फिलहाल गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है. हालांकि, लगातार बढ़ते पानी ने निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. हर साल बाढ़ की मार झेलने वाले दारागंज के परिवार अब प्रशासन की राहत और मदद का इंतजार कर रहे हैं. लोगों की सबसे बड़ी चिंता अपने घर, बच्चों और जरूरी सामान को सुरक्षित सुरक्षित रखने की है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए









