ePaper

Kupwara Attack: बदायूं पहुंचा शहीद मोहित राठौर का पार्थिव शरीर, कुपवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ में दिया बलिदान

Updated at : 28 Jul 2024 1:02 PM (IST)
विज्ञापन
Kupwara Attack: बदायूं पहुंचा शहीद मोहित राठौर का पार्थिव शरीर, कुपवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ में दिया बलिदान

Kupwara Attack: कुपवाड़ा के माच्छिल सेंटर में एलओसी के पास आंतकियों से हुई मुठभेड़ में बदायूं का जवान मोहित शहीद हो गया. इस हमले में एक जेसीओ और चार जवान भी घायल हुए हैं. एक पाकिस्तान आतंकवादी भी मारा गया है.

विज्ञापन

लखनऊ: जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा (Kupwara Attack) में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए मोहित राठौर (25) का पार्थिव शरीर रविवार को बदायूं स्थित उनके गांव सभानगर लाया गया. मोहित नत्थू सिंह राठौर का इकलौता बेटा था. वो 2017 में सेना में भर्ती हुआ था. दो साल पहले ही उसकी रुचि से शादी हुई थी. मोहित के शहीद होने की खबर सुनते ही पत्नी की तबियत खराब हो गई. उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. रविवार को राजकीय सम्मान के साथ मोहित का अंतिम संस्कार किए जाएगा.

घर पर जुटी सांत्वना देने वालों की भीड़

मोहित राठौर के बलिदान की खबर उसके परिवार और गांव वालों को मिली, उनके घर पर सांत्वना देने वालों की भीड़ जुटने लगी. पिता नत्थू सिंह ने कहा कि उन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है. दो दिन पहले ही पत्नी रुचि की भी मोहित से फोन पर बात हुई थी. वो उन बातों को याद करके रो रही है. मोहित ने नवंबर में घर आने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि पूजा के लिए बरेली में शादी तय की है. लड़का देखने भी जाना है. मोहित की दो बहनों रजनी और नीतू की शादी हो चुकी है. एक बहन नीतू के पति भी सेना हैं. वहीं पूजा की शादी भी फौजी से ही तय की जा रही थी.

बैट हमले को किया था नाकाम

कुपवाड़ा के माच्छिल सेंटर में एलओसी के पास बैट हमले को नाकाम करने के दौरान ये हादसा हुआ. भारतीय सेना ने इस बैट की घुसपैठ को नाकाम कर दिया था. साथ ही एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया था. इस हमले में एक जेसीओ और चार जवान घायल हुए थे. जबकि एक जवान की मौत हो गई थी.

मोहित को लगी थी सात गोलियां लगी

मोहित को पाकिस्तानी बैट हमले में सात गोलियां लगी थी. शुक्रवार रात दो बजे आतंकवादियों ने सेना की टुकड़ी पर हमला बोला था. इस टुकड़ी में मोहित भी शामिल था. मोहित के परिवार के लोगों के अनुसार वो पहले राजस्थान में तैनात था. इसी साल जनवरी में जम्मू कश्मीर में तबादला हुआ. वो 57 राष्ट्रीय रायफल में शामिल हो गए थे. मोहित ने अपने बहनोई फौजी उपेंद्र को बताया था कि उनकी रात की फायरिंग अच्छी है इसलिए उन्हें घातक प्लाटून में शामिल किया गया है. अब उन्हें 100 दिन नहीं 120 दिन की छुट्टी मिलेगी. तब वो नवंबर में गांव जाएंगे.

विज्ञापन
Amit Yadav

लेखक के बारे में

By Amit Yadav

UP Head (Asst. Editor)

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola