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चुनाव में किसानों का पलड़ा है भारी, गन्ना किसानों का भुगतान न करने पर बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल के खिलाफ FIR

Updated at : 30 Nov 2021 12:42 PM (IST)
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चुनाव में किसानों का पलड़ा है भारी, गन्ना किसानों का भुगतान न करने पर बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल के खिलाफ FIR

लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा, ‘बार-बार निर्देश के बावजूद भुगतान नहीं होने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. किसानों का भुगतान प्राथमिकता है.’ बता दें कि देश में किसानों का आंदोलन काफी अहम मोड़ पर आ गया है.

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Lucknow News : देश में किसानों का आंदोलन अब गंभीर हो चला है. इस बीच उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भी कोई लापरवाही नहीं चाहती है. इस बीच किसानों के गन्ने का भुगतान न करने पर लखीमपुर में जिला प्रशासन ने जनपद के पलियाकलां स्थित बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है.

इस संबंध में लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा, ‘बार-बार निर्देश के बावजूद भुगतान नहीं होने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. किसानों का भुगतान प्राथमिकता है.’ बता दें कि देश में किसानों का आंदोलन काफी अहम मोड़ पर आ गया है. गन्ना किसानों का भुगतान हमेशा से ही राजनीतिक मुद्दों के घेरे में रहा है. इस बीच बजाज शुगर मिल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 406, 420, 120-बी सहित आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

बता दें कि देश के अधिकांश राज्यों में गन्ना पेराई सत्र 2021-22 की शुरूआत हो चुकी है. साथ ही, किसान खेतों से गन्ना लेकर अपने नजदीक के चीनी मिलों पर लेकर पहुंचने लगे हैं. इसके लिए राज्य सरकार द्वारा किसानों को टोकन जारी किए जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश में कुल 120 चीनी मिलें हैं. सहकारी, निगम तथा निजी क्षेत्र की 92 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है. इसमें से निगम क्षेत्र की एक, सहकारी क्षेत्र की 17 तथा निजी क्षेत्र की 74 चीनी मिलें शामिल है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों से गन्ना खरीद हेतु नई सट्टा नीति घोषित कर दी है. इसके अनुसार किसानों से पीटीआई हेक्टेयर गन्ना कि खरीदी की जाएगी. इस वर्ष की सट्टा नीति पर एक नज़र…

· सीमांत कृषक (1 हेक्टेयर तक) – 850 क्विंटल

· लघु सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक) – 1700 क्विंटल

· सामान्य कृषक (5 हेक्टेयर तक) – 4250 क्विंटल

इसके अलावा उपज में बढ़ोत्तरी की दशा में गन्ने की खरीदी लक्ष्य को बढ़ाया जा सकता है. प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के लिए गन्ने की अधिक पैदावार होने पर लक्ष्य निर्धारित कर दिया है.

· सीमांत कृषक (1 हेक्टेयर तक) – 1350 क्विंटल

· लघु सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक) – 2700 क्विंटल

· सामान्य कृषक (5 हेक्टेयर) – 6750 क्विंटल

Also Read: उत्तर प्रदेश में डिस्टलरी लगा रहे बड़े निवेशक, सरकार की नीतियों से बदल रही गन्ना किसान और चीनी उद्योग की सूरत

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