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नेताजी कहें तो मुख्यमंत्री का पद छोड़ दूंगा : अखिलेश यादव

Updated at : 25 Oct 2016 8:52 PM (IST)
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नेताजी कहें तो मुख्यमंत्री का पद छोड़ दूंगा : अखिलेश यादव

लखनऊ : समाजवादी पार्टी में जारी घमासान के बीच उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री उनके पिता व पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बनाया था, अगर वे कहेंगे तो वे पद छोड़ देंगे. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह बात एनडीटीवी से कही है. पिता मुलायम व चाचा शिवपाल से […]

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लखनऊ : समाजवादी पार्टी में जारी घमासान के बीच उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री उनके पिता व पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बनाया था, अगर वे कहेंगे तो वे पद छोड़ देंगे. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह बात एनडीटीवी से कही है. पिता मुलायम व चाचा शिवपाल से तल्खी बढ़ने के बाद उनके इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.

अखिलेश ने अपनी नयी पार्टी बनाने की चर्चा को खारिज किया. उन्होंने कहा कि अगर वे मुझे मख्यमंत्री पद से हटा देंगे, तो मैं उनके लिए चुनाव प्रचार करूंगा. उन्होंने कहा कि जैसे रेस के घोड़े की नजर सिर्फ लक्ष्य की ओर होती है, उसी तरह मैं अगले चुनाव की ओर देख रहा हूं, मेरा कोई दूसरा प्लान नहीं है.

मेरी पार्टी और मेरा परिवार एकजुट है, सब ठीक है : मुलायम

इससे पहले अपने परिवार और पार्टी में सामने आए गहरे मतभेद के बावजूद सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने आज यह जताने की पुरजोर कोशिश की कि पार्टी और परिवार में ‘सब ठीक है’. हालांकि, वह यह नहीं बता सके कि उनके भाई शिवपाल यादव को उत्तर प्रदेश कैबिनेट में फिर से शामिल किया जाएगा कि नहीं. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले दिनों शिवपाल को कैबिनेट से बरखास्त कर दिया था.

मुलायम ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘पार्टी और परिवार एकजुट है.’ संवाददाता सम्मेलन में मुलायम के साथ शिवपाल और बरखास्त किए गए तीन अन्य मंत्री भी थे. हालांकि, मुख्यमंत्री अखिलेश की गैर-मौजूदगी को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगायी जाती रहीं. कल हुई सपा की एक बैठक में हैरंतअंगेज वाकये पेश आने के बाद आज मुलायम जिस वक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, उसी वक्त अखिलेश और शिवपाल के समर्थक पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. मुलायम ने कहा कि सपा 2012 में उत्तर प्रदेश की सत्ता में सिर्फ उनकी वजह से आयी थी और फिर भी उन्होंने अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाया.

बहरहाल, उन्होंने विधानसभा चुनाव से चंद महीनों पहले खुद मुख्यमंत्री बनने की बात से इनकार किया. सपा सुप्रीमो ने कहा, ‘‘मेरी पूरी जिंदगी लोगों के कल्याण के लिए समर्पित रही है और उनके लिए काम करना जारी रखूंगा.’ मुलायम ने सपा सांसद अमर सिंह का जोरदार बचाव करते हुए सवाल किया, ‘‘इन मामलों में उन्हें क्यों घसीटना?’ गौरतलब है कि अखिलेश काधड़ा परिवार में सामने आयी मुश्किलों के लिए अमर सिंह को ही जिम्मेदार ठहरा रहा है.

जल्दबाजी में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘मेरा परिवार और मेरी पार्टी एकजुट है. सारे कार्यकर्ता एकजुट हैं. कुछ साजिश करने वाले लोग हैं, जिनके पास कोई जनाधार नहीं है.’

हमारे नेताओं में मतभेद या मनभेद नहीं

मुलायमसिंहयादव ने कहा, ‘‘हमारे नेताओं में कोई मतभेद या मनभेद नहीं है.’ यह पूछे जाने पर कि क्या शिवपाल और अन्यबरखास्त मंत्रियों को अखिलेश कैबिनेट में फिर से शामिल किया जाएगा, उन्होंनेे कहा, ‘‘मैं यह मुख्यमंत्री पर छोड़ता हूं……आप उनसे सवाल करें कि उन्होंने उन्हें मंत्री क्यों बनाया और फिर बरखास्त क्यों कर दिया.’ एक सवाल का जवाब देते हुए मुलायम ने कहा, ‘‘मैं एक भी विवादित बयान नहीं दूंगा. आप जो भी चाहें सवाल करें.’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने बेटे अखिलेश को मुख्यमंत्री पद से हटाकर खुद मुख्यमंत्री बनेंगे, इस पर सपा सुप्रीमो ने कहा, ‘‘अब मैं ऐसा करने के बारे में क्यों सोचूंगा जब कुछ ही महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.’ उन्होंने कहा कि नवंबर या दिसंबर में आदर्श आचार संहिता लागू होगी और सरकार स्वतंत्र होकर काम नहीं कर पाएगी.

हमारी पार्टी लोकतांत्रिक, चुने गये एमएलए मुख्यमंत्री चुनेंगे

साल 2017 के लिए पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में सपा सुप्रीमो ने कहा, ‘‘हमारी पार्टी लोकतांत्रिक है. पहले हमें बहुमत हासिल करने दीजिए और तब निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपना मुख्यमंत्री चुनेंगे. अभी अखिलेश मुख्यमंत्री हैं, क्या इससे किसी को कोई दिक्कत है?’ अखिलेश का समर्थन कर रहे अपने चचेरे भाई रामगोपाल यादव के कुछ बयानों पर मुलायम ने कहा, ‘‘मैं अब उसे कोई अहमियत नहीं देता.’ रामगोपाल को सपा से निकाला जा चुका है. दागी मंत्री गायत्री प्रजापति के अलावा मंत्री पद सेबरखास्त किए गए ओम प्रकाश सिंह, नारद राय और सैयदा शादाब फातिमा भी संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थे.


शिवपाल ने की मुलायम से मुलाकात

इससे पहले, दिन में शिवपाल दांतों में दर्द से जूझ रहे मुलायम से मिलने उनके आवास पर गए. इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री भी वहां पहुंचे. उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी और मुलायम परिवार में सब ठीक है. मैं नेताजी :मुलायम: के साथ हूं. जो भी निर्देश दिए जाएंगे, हम उनका पालन करेंगे.’ शिवपाल यहां सपा मुख्यालय में पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे.

राज्य सपा मुख्यालय के बाहर एक बार फिर तनावबढ़ गया जब शिवपाल और अखिलेश के समर्थक अपने-अपने नेताओं के पक्ष में नारे लगा रहे थे. दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच हुई झड़पों के मद्देनजर सपा के केंद्रीय कार्यालय के बाहरबड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा. विक्रमादित्य मार्ग की तरफ जाने वाली सड़कों पर आज सुबह घेराबंदी कर दीगयी थी. विक्रमादित्य मार्ग पर ही सपा का कार्यालय है.

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