इलाहाबाद : केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर सरकार निर्णय करेगी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील की गयी है. उन्होंने कल रात यहां संवाददाताओं से कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले का हमें इंतजार करना चाहिए. इसके बाद जो स्थिति उभरकर सामने आती है उसके मुताबिक केंद्र निर्णय करेगा. मिश्रा ने कहा कि भाजपा के रुख में बदलाव नहीं आया है कि राम मंदिर का निर्माण अयोध्या में होना चाहिए, हालांकि हम इस तरीके से आगे बढेंगे जो सबको स्वीकार्य हो.
केंद्रीय लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग मंत्री पिछले हफ्ते हुई विश्व हिंदू परिषद् की बैठक के बारे में सवालों का जवाब दे रहे थे. बैठक में संघ परिवार से जुड़े संगठन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की थी कि राम मंदिर के मुद्दे पर वह अपनी चुप्पी तोडें और अयोध्या का दौरा कर मंदिर मुद्दे पर अपनी प्रतिबद्धता जताएं. मिश्रा ने कहा कि मोदी पूरा देश घूम रहे हैं और कोई कारण नहीं है कि वह अयोध्या नहीं जायें. हम अपने धार्मिक नेताओं की भावनाओं को समझते हैं लेकिन उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि प्रधानमंत्री अपना निर्णय खुद करते हैं.
उन्होंने कहा कि उन्हें आश्वासन दिया जा सकता है कि मोदी उपयुक्त समय पर अयोध्या जाएंगे और राम लला में पूजा करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे साधु संतों को समझना चाहिए कि भाजपा संसद के अधिनियम से मंदिर निर्माण के विकल्प के खिलाफ नहीं है लेकिन इसके लिए सदन में दो तिहाई समर्थन की जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि इसलिए हमें सहमति बनाने पर ध्यान देना चाहिए. भाजपा नेता ने उत्तरप्रदेश के मंत्री आजम खान के आरोपों से भी इंकार किया कि मोदी ने हाल में पाकिस्तान यात्रा के दौरान दाउद इब्राहिम से मुलाकात की थी. उन्होंने कहा कि इस तरह की बात कर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्य में अपनी सरकार की विश्वसनीयता को कम कर रहे हैं जहां कानून. व्यवस्था बनाने में विफल रहने के कारण लोग सरकार से क्षुब्ध हैं.
मिश्र के अनुसार हमारे संतों को याद रखना चाहिए कि भाजपा संसद के कानून द्वारा मंदिर निर्माण के विकल्प के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसके लिए दो तिहाई संसद सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि इसलिए हमें आम-सहमति बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. मिश्र ने उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खान के इन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि मोदी ने पाकिस्तान की हालिया यात्रा के दौरान अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम से मुलाकात की थी. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से सपा के वरिष्ठ नेता प्रदेश में अपनी सरकार की साख को और गिरा रहे हैं जो पहले ही कानून व्यवस्था बनाये रखने मेें पूरी तरह नाकाम रहने के चलते आक्रोश का सामना कर रही है.