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रामगोपाल यादव व अक्षय यादव की सफाई : हमारा इंजीनियर यादव सिंह से रिश्ता नहीं

Updated at : 11 Sep 2015 11:29 AM (IST)
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रामगोपाल यादव व अक्षय यादव की सफाई : हमारा इंजीनियर यादव सिंह से रिश्ता नहीं

नयी दिल्ली :उत्तरप्रदेश के विवादस्पद इंजीनियर यादव सिंह से कारोबारी रिश्तों के आरोप में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल सिंह यादव के सांसद बेटे अक्षय यादव ने सफाई दी है. उन्होंने कहा है मेरा यादव सिंह से कोई कारोबारी रिश्ता नहीं है. वहीं, इस मामले में रामगोपाल यादव ने भी मीडिया से कहा है […]

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नयी दिल्ली :उत्तरप्रदेश के विवादस्पद इंजीनियर यादव सिंह से कारोबारी रिश्तों के आरोप में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल सिंह यादव के सांसद बेटे अक्षय यादव ने सफाई दी है. उन्होंने कहा है मेरा यादव सिंह से कोई कारोबारी रिश्ता नहीं है. वहीं, इस मामले में रामगोपाल यादव ने भी मीडिया से कहा है कि यादव सिंह से रिश्तों की बात 100 प्रतिशत गलत है.दरअसल, एक अंगरेजी अखबार ने उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी सपा एवं पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव के परिवार से नोएडा में इंजीनियर यादव सिंह के संबंधों का खुलासा कियाहै. मुलायम सिंह के भतीजे एवं सपा महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे व फिरोजाबाद से सांसद अक्षय यादव के यादव सिंह से कारोबारी रिश्तों की जानकारी मिली है. जानकारी के मुताबिक अक्षय यादव ने यादव सिंह के सहयोगी से एनएम बिल्डवेल नाम की कंपनी ली थी. अक्षय ने सितंबर 2013 में एनएम बिल्डवेल कंपनी के 9 हजार 995 शेयर यादव सिंह के सहयोगी राजेश मनोचा से दस रुपये के भाव पर खरीदे थे. पांच शेयर अक्षय की पत्नी ऋचा के नाम स्थानांतरित हुए थे. उस समय इस कंपनी के शेयर की कीमत लगभग 2050 रु पये होनी चाहिए थी.

इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सस्पेंड चल रहे यादव सिंह को नोएडा अथॉरिटी में बहाल कर दिया था. यादव सिंह के घर से पिछले साल नवंबर में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआइ ने दस करोड़ उनकी ऑडी कार से बरामद किये थे. कार राजेश मनोचा की बताई जा रही है. इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक वित्त मंत्रलय के सूत्रों की माने तो एनएम बिल्डवेल हवाला कारोबार के शक के घेरे में है. आयकर विभाग कंपनी की जांच कर रहा है. मनोचा मैक्कन इंफ्रा नाम की कंपनी में निदेशक भी है. यादव सिंह केस में मैक्कन कंपनी भी जांच के घेरे में है. 2013 तक यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता भी निदेशक थी लेकिन फिर इस्तीफा दे दिया था. सीबीआइ इस बात की जांच कर रही है कि क्या यादव सिंह फर्जी आवेदनों के जरिये मैक्कन को 30 औद्योगिक प्लॉट दिलाए थे. उत्तर सरकार की सपा सरकार पर यादव सिंह को लेकर नरमी बरतने के आरोप लगते रहे हैं. पिछले महीने अखिलेश यादव की सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट चली गयी थी जिसमें सीबीआई जांच का आदेश दिया गया था.

समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव के परिवार से भी यादव सिंह एंड कंपनी के संबंध जुड़ने लगे है. इनकम टैक्स विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव और उनकी पत्नी ऋचा यादव को यादव सिंह की सहयोगी कंपनी मैकान्स ग्रुप के मालिक राजेश मिनोचा ने 2048 रुपये मूल्य के दस हजार शेयर मात्र दस रुपये प्रति शेयर के हिसाब से बेच दिये और दस हजार शेयर मात्र एक लाख रुपये में अक्षय यादव और उसकी पत्नी ऋचा यादव को बेच दिये गये. जबकि जिस कंपनी के पूरे शेयर इन दोनों को मालिक बनाया गया उस कंपनी की कुल संपत्ति चार करोड़ रु पये से ज्यादा थी. आयकर विभाग ने इस पूरे मामले में की जांच के जुट गया है.

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