बुलंदशहर हिंसाः क्या किसी हिंदू संगठन के बड़े नेता के घर में छिपा हुआ है मुख्य आरोपी योगेश राज ?
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Dec 2018 9:36 AM
लखनऊ/बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर को हिंसा की आग में धकेलने का मुख्य आरोपी योगेश राज अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. सूत्रों की मानें तो पुलिस को उसके मोबाइल की लोकेशन मिल चुकी है. मोबाइल के लोकेशन के अनुसार योगेश दिल्ली और उसके आसपास इलाके में छिपा हुआ है. एनबीटी की […]
लखनऊ/बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर को हिंसा की आग में धकेलने का मुख्य आरोपी योगेश राज अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. सूत्रों की मानें तो पुलिस को उसके मोबाइल की लोकेशन मिल चुकी है. मोबाइल के लोकेशन के अनुसार योगेश दिल्ली और उसके आसपास इलाके में छिपा हुआ है. एनबीटी की रिपोर्ट की मानें तो योगेश राज दिल्ली में एक हिंदू संगठन के नेता के घर में छिपा बैठा है जहां पुलिस दबिश नहीं दे पा रही है.
रिपोर्ट की मानें तो पुलिस उस नेता के घर और आसपास पैनी नजर रख रही है. बताया जा रहा है कि पुलिस इस इंतजार में है कि कब वह उस नेता के घर के बाहर निकले और उसे दबोच लिया जाए. यहां चर्चा कर दें कि मुख्य आरोपी योगेश राज पर आरोप है कि उसने ही भीड़ को उकसाने का काम किया था जिसके बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिसवालों पर हमला कर दिया. इस हमले में यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सुबोध सिंह सहित दो लोगों की जान चली गयी थी.
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दर्ज प्राथमिकी में दो बच्चों के भी नाम
बुलंदशहर के महाव गांव में कथित गोकशी मामले में दर्ज प्राथमिकी में दो बच्चों के भी नाम जोड़े गये हैं. दोनों बच्चों की उम्र 11 और 12 साल है. दोनों चचेरे भाई हैं. पुलिस ने बुधवार को दोनों बच्चों से चार घंटे तक पूछताछ की. नाबालिगों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस बजरंग दल के नेता योगेश राज के दबाव में परेशान कर रही है. वहीं, पुलिस इसे जांच का हिस्सा बता रही है.
हिंसा किसी साजिश का हिस्सा
इस बीच, डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि हिंसा किसी साजिश का हिस्सा था. हम इसकी जांच कर रहे हैं. यह हिंसा किसी की शरारत नहीं, बल्कि जानबूझकर बाबरी-मस्जिद कांड की बरसी से पहले सामाजिक सौहार्द खराब करने की कोशिश लग रही है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर गोकशी के लिए यह तारीख क्यों और किसने चुनी? गोकशी कर उसके हिस्से खेतों में फेंकने के लिए तीन दिसंबर की तारीख क्यों चुनी?
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हिंसा वाले दिन समय से पहले दिया गया मिड डे मील
हिंसा वाले दिन चिंगरावठी गांव में स्थित प्राथमिक और जूनियर माध्यमिक विद्यालय में 150 से अधिक छात्रों को समय से पहले पूर्वाह्न 11:15 बजे मिडडे मील दे दिया गया था. इसी गांव में तीन दिसंबर के दिन भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया था. रसोइये और भोजन परोसने वाले राजपाल सिंह ने बताया कि उस दिन, हमें भोजन जल्द वितरित करने और बच्चों को घर भेजने के आदेश मिले थे.
मुख्य आरोपित योगेश राज ने खुद को बताया बेकसूर, बजरंग दल ने कहा- सरेंडर करो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में बुलंदशहर हिंसा मामले के मुख्य आरोपित योगेश राज ने खुद को बेकसूर बताया है. उसने दावा किया है कि जिस समय वहां गोलीबारी हुई, उस समय वह अपने साथियों के साथ स्याना पुलिस थाने में गोकशी की घटना के सिलसिले में शिकायत दर्ज करवा रहा था. गोलीबारी की घटना से मेरा कोई लेनादेना नहीं है और वह बेकसूर है. इधर, बजरंग दल ने अपने बुलंदशहर के संयोजक योगेश राज को पुलिस के समक्ष समर्पण करने को कहा है. साथ ही दक्षिणपंथी संगठन ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट : इंस्पेक्टर के सिर में फंसी थी गोली, शरीर पर लाठी-डंडे के भी निशान
हिंसा में मारे गये इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गयी है. रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्पेक्टर की मौत गोली लगने की वजह से हुई थी. लेफ्ट आई ब्रो के पास उन्हें गोली लगी, जो सिर के पीछे के हिस्से में फंस गयी थी. उन्हें गोली छह से आठ फुट की दूरी से मारी गयी थी. जांच में यह भी सामने आया है कि उनके शरीर पर लाठी-डंडों से चार से छह बार हमला किया गया था. सिंह की एक्स-रे रिपोर्ट भी सामने आयी है, जिसमें गोली उनके पिछले हिस्से में फंसी हुई नजर आ रही है. इंस्पेक्टर के परिजनों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को मुलाकात करेंगे.
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