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पतंजलि की धमकी के बाद CM आदित्यनाथ ने की बालकृष्ण से बात, यूपी में ही रहेगा फूड पार्क

Updated at : 06 Jun 2018 6:18 PM (IST)
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पतंजलि की धमकी के बाद CM आदित्यनाथ ने की बालकृष्ण से बात, यूपी में ही रहेगा फूड पार्क

लखनऊ : बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद के प्रदेश में यमुना एक्सप्रेस वे पर प्रस्तावित छह हजार करोड़ के मेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क से पीछे हटने की खबरो के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कंपनी के आचार्य बालकृष्ण से बात की और उन्हें विश्वास दिलाया कि प्रक्रिया शीघ्र ही पूरी कर ली जायेगी और जो […]

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लखनऊ : बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद के प्रदेश में यमुना एक्सप्रेस वे पर प्रस्तावित छह हजार करोड़ के मेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क से पीछे हटने की खबरो के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कंपनी के आचार्य बालकृष्ण से बात की और उन्हें विश्वास दिलाया कि प्रक्रिया शीघ्र ही पूरी कर ली जायेगी और जो भी तकनीकी समस्या है उसे दूर कर लिया जायेगा.

प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि औपचारिकताओं को जल्द पूरा किया जायेगा. प्रमुख सचिव (सूचना) अवनीश अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आचार्य बालकृष्ण से बात की और उनकी परेशानियों को जाना. कोई भी आवंटन रद्द नहीं किया गया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस मामले की प्रक्रिया को शीघ्र ही निस्तारित किये जाने को कहा है. गौरतलब है कि मंगलवारकी शाम पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने बताया, हम इस परियोजना को रद्द कर रहे हैं क्योंकि हमें उप्र सरकार से आवश्यक मंजूरी नहीं मिली है. उन्होंने अधिक कोई विवरण दिये बिना कहा कि कंपनी अब परियोजना को किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित करने की योजना बना रही है. राज्य से बाहर निकलने के कारण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, हमें इस परियोजना के लिए राज्य सरकार से कोई सहयोग नहीं मिला. हमने मंजूरी के लिए लंबे समय तक इंतजार किया है, लेकिन यह राज्य सरकार से नहीं मिल सकी. अब हमने परियोजना को स्थानांतरित करने का फैसला किया है.

बालकृष्ण ने दावा किया कि पतंजलि ने इस परियोजना के लिए वित्तीय संस्थानों से समर्थन प्राप्त कर लिया था. उन्होंने कहा, हमें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय से दो बार समय विस्तार प्राप्त हुआ और अब यह समय समाप्त हो रहा है क्योंकि हमें राज्य सरकार से आवश्यक मंजूरी नहीं मिल सकी. मेगा फूड पार्क को 30 महीने के भीतर अमल में लाये जाने की आवश्यकता है और इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. महाना ने कहा कि अगर किसी एक कंपनी के नाम कोई चीज दी जाती है और अन्य कंपनी भी शामिल है तो प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं. हम पतंजलि को राज्य से बाहर नहीं जाने देंगे. मुख्यमंत्री ने पतंजलि से बात की है. औपचारिकताएं जल्द पूरी की जायेंगी.

इससे पहले, पतंजलि ने कहा था कि यमुना एक्सप्रेसवे आधारित यह संयंत्र पूरी क्षमताके साथ संचालित होने पर सालाना 25,000 करोड़ रुपये के सामान का उत्पादन करेगा. पतंजलि ने कहा कि इससे 10,000 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी. पतंजलि वर्तमान में नागपुर और तेजपुर समेत मेगा फूड पार्क परियोजनाओं में निवेश कर रही है.

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