गोरखपुर में बड़ा हादसा, ऑक्सीजन खत्म होने से 30 बच्चों की मौत

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गोरखपुर में बड़ा हादसा, ऑक्सीजन खत्म होने से 30 बच्चों की मौत

गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में बीते 48 घंटे के दौरान 30 बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हो गयी. मरने वाले बच्चों में 13 बच्चे एनएनयू वार्ड और 17 इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती थे. बताया जा रहा है कि 69 लाख रुपये का भुगतान न होने […]

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गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में बीते 48 घंटे के दौरान 30 बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हो गयी. मरने वाले बच्चों में 13 बच्चे एनएनयू वार्ड और 17 इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती थे. बताया जा रहा है कि 69 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई गुरुवार की रात से ठप कर दी थी. इसके बाद अचानक से अॉक्सीजन की कमी हो गयी और प्रबंधन की लापरवाही से 30 बच्चों की मौत हो गयी.

गौरतलब है कि अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन तो गुरुवार से ही बंद थी और शुक्रवार को सारे सिलेंडर भी खत्म हो गए. पूर्वांचल में हर साल इंसेफेलाइटिस नामक बीमारी से कई बच्चों की मौत हो जाती है. पिछले चार दशकों में कम से कम चालीस हजार बच्चों की मौत हुई है. उधर अस्पताल प्रबंधन ने एक आंकड़ा जारी कर बताया कि पिछले पांच दिन में करीब 60 बच्चों की मौत हुई है और इसे सिर्फ ऑक्सीजन की कमी की वजह से मौत बताना गलत है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीआरडी मेडिकल कालेज में दो साल पहले लिक्विड ऑक्‍सीजन का प्‍लांट लगाया गया था. इसके जरिए इंसेफेलाइटिस वार्ड सहित करीब तीन सौ मरीजों को पाइप के जरिए ऑक्‍सीजन दी जाती है. शुक्रवार सुबह सात बजे ऑक्‍सीजन पूरी तरह खत्‍म हो जाने के चलते इंसेफेलाइटिस वार्ड में करीब दो घंटे तक मरीजों को अम्‍बू बैग के सहारे रहना पड़ा. 12 बजे कुछ सिलेंडर पहुंचे लेकिन इंसेफेलाइटिस इमरजेंसी वार्ड में अभी भी सिलेंडरों की क्राइसिस बनी हुई है. इंसेफेलाइटिस के वार्ड नंबर 100 में हर डेढ़ घंटे में 16 सिलेंडर खर्च हो रहे हैं, चारों तरफ अफरातफरी मची हुई है.

घटना को लेकर कांग्रेस नेता राज बब्बर ने कहा कि कल स्वयं मुख्यमंत्री गोरखपुर सहित महराजगंज जनपद के दौरे पर थे. गोरखपुर मेडिकल कालेज की कमियों के बारे में उन्हें बखूबी जानकारी है. ‘ ‘जब पूरे पूर्वांचल के मरीज विशेष तौर से इंसेफेलाइटिस से पीडित बच्चों का इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा था और इंसेफेलाइटिस से ग्रसित बच्चों में इजाफा ऐसे समय में ही होता है तो जानकारी होने के बावजूद आक्सीजन की कमी कैसे हो सकती है? ‘ ‘ उन्होंने मांग की कि इस भयानक त्रासदी के लिए जिम्मेदार प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए.

इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को बीस-बीस लाख रुपये आथर्कि मुआवजा प्रदान करने की मांग की. बब्बर ने मुख्यमंत्री से मांग की कि अविलम्ब गोरखपुर मेडिकल कालेज सहित उत्तर प्रदेश के तमाम अस्पतालों की रिपोर्ट मंगाकर अस्पतालों की जरुरत की चीजों को उपलब्ध कराते हुए उत्तर प्रदेश की जनता को ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति से रोकने हेतु प्रभावी कदम उठायें जाएं ताकि निर्दोष जनता की जान बचायी जा सके. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इस प्रकरण में कडी कार्वाई होनी चाहिए और मृतक बच्चों के परिजनों को बीस..बीस लाख रुपये मुआवजा मिलना चाहिए

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