'प्रार्थना सभा' की आड़ में धर्मांतरण कराने वाली अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश, लखनऊ में पास्टर दंपति समेत 7 गिरफ्तार

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गिरफ्तार आरोपी

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UP News: लखनऊ पुलिस ने एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ किया है. 'प्रार्थना सभा' की आड़ में लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के सरगना पास्टर डेनियल समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस को गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले हैं.

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UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने कथित धर्मांतरण से जुड़े एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना पास्टर डेनियल, उसकी पत्नी समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपियों के कब्जे से धार्मिक साहित्य, धर्मांतरण से संबंधित बुकलेट, बैंक स्टेटमेंट, एक बोलेरो वाहन और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरी डायरी बरामद हुई है. पुलिस का दावा है कि इस डायरी से नेटवर्क के कई अहम सुराग मिले हैं और अब मामले की जांच अन्य जिलों तक बढ़ाई जा रही है.

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तमिलनाडु से लखनऊ तक फैला था नेटवर्क

एडीसीपी साउथ रल्लापल्ली बसंत कुमार के अनुसार, पूछताछ में मुख्य आरोपी डेनियल ने बताया कि उसका मूल नाम बाला सुब्रमण्यम है और वह तमिलनाडु का निवासी है. पुलिस के मुताबिक, किशोरावस्था में उसने ईसाई युवती सुबला से विवाह करने के बाद अपना धर्म बदल लिया और बाद में चर्च से जुड़कर प्रचार-प्रसार का कार्य करने लगा. पुलिस के अनुसार, वर्ष 1998 में डेनियल और उसकी पत्नी को लखनऊ भेजा गया, जहां उसे वाराणसी सर्किल का पास्टर बनाकर धार्मिक गतिविधियों की जिम्मेदारी सौंपी गई. शुरुआती जांच में सामने आया है कि नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक था.

बीमारी ठीक करने और आर्थिक मदद का दिया जाता था लालच

पुलिस जांच के मुताबिक, गिरोह ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाता था. आरोप है कि घुटनों के दर्द, गंभीर बीमारियों के इलाज, आर्थिक तंगी दूर करने, शादी-विवाह कराने और संतान प्राप्ति जैसे वादों के जरिए लोगों को 'प्रार्थना सभा' में बुलाया जाता था. इसके बाद कथित रूप से उनका ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन गतिविधियों के लिए धन कहां से आता था और इसका उपयोग किस तरह किया जाता था.

ग्रामीणों के विरोध के बाद खुला पूरा मामला

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब मोहनलालगंज के भरसवा गांव निवासी अमित कुमार ने कथित धर्म परिवर्तन के दबाव का विरोध किया. आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया, जिसके बाद गांव के लोगों ने मौके पर पहुंचकर बोलेरो से आए आरोपियों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस की तलाशी में बरामद डायरी में कथित तौर पर आर्थिक सहायता पाने वाले परिवारों, संपर्क में रहे लोगों और विभिन्न गतिविधियों का रिकॉर्ड दर्ज मिला है. इसी आधार पर पुलिस अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है.

इन सात आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने इस मामले में कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें तमिलनाडु निवासी डेनियल (58), उसकी पत्नी सुबला (51), भरसवा निवासी चंद्रभान (50), उसकी पत्नी आरती (40), सीमा (35), ठाकुरखेड़ा निवासी अजय रावत (46) और उसकी पत्नी शीला (39) शामिल हैं.

बैंक खातों और अन्य जिलों में फैले नेटवर्क की जांच

प्रभारी निरीक्षक रामबाबू सिंह ने बताया कि पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों के लेनदेन, फंडिंग के स्रोत और अन्य जिलों में सक्रिय नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है.

Input: Ravi Ranjan Kumar

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