जानें कौन हैं अरुण योगीराज? जिनकी रामलला की मूर्ति को अयोध्या मंदिर के लिए चुना गया

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 02 Jan 2024 12:09 PM

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मूर्तिकार अरुण योगीराज ने कहा कि उन्हें अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है कि उन्होंने जो मूर्ति बनाई थी उसे स्वीकार कर लिया गया है या नहीं...जानें लोगों के बधाई देने के बाद क्या बोलीं अरुण योगीराज की मां

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अयोध्या राम मंदिर में स्थापित होने वाली भगवान राम की मूर्ति के बारे में जिस खबर का लोगों को इंतजार था, वह सामने आ चुका है. जी हां..केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस बाबत जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि तीन मूर्तियों में से, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने मैसूर स्थित मूर्तिकार अरुण योगीराज की रामलला को चुनने का काम किया है. आपको बता दें कि राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना है जिसका इंतजार देश के हर नागरिक को है. प्रह्लाद जोशी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि जहां राम…वहां हनुमान…अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए मूर्ति का चयन फाइनल हो गया है. हमारे देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार, हमारे गौरव श्री अरुण योगीराज की मूर्ति का चयन किया गया है. अपने इस पोस्ट को उन्होंने अरुण योगीराज को भी टैग किया है.

कौन हैं अरुण योगीराज

इस खबर के सामने आने के बाद लोग अरुण योगीराज के बारे में गूगल में सर्च कर रहे हैं. लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं कि उन्होंने आखिर इतनी सुंदर मूर्ति कैसे तैयार की…तो आइए जानते हैं अरुण योगीराज के बारे में…योगीराज एक ऐसे परिवार से हैं जिनकी पांच पीढ़ियां प्रसिद्ध मूर्ति बनातीं आ रहीं हैं. उनके दादा बसवन्ना शिल्पी को तत्कालीन मैसूर रियासत के राजा का संरक्षण प्राप्त था. इंडिया गेट के पास अमर जवान ज्योति के पीछे योगीराज के द्वारा बनाई गई सुभाष चंद्र बोस की 30 फीट की प्रतिमा स्थापित की गई थी. उनके द्वारा बनाई गई अन्य प्रसिद्ध मूर्तियों में केदारनाथ में 12 फीट की आदि शंकराचार्य की मूर्ति, मैसूर के चुंचनकट्टे में 21 फीट की हनुमान मूर्ति, 15 फीट बी.आर. अम्बेडकर की मूर्ति मैसूरु में, मैसूरु में स्वामी रामकृष्ण परमहंस की सफेद संगमरमर की पत्थर की मूर्ति,नंदी की 6 फीट की अखंड मूर्ति, 6 फीट की बाणशंकरी देवी की मूर्ति और मैसूर महाराजा जयचामाराजेंद्र वोडेयार की 14.5 फीट की सफेद संगमरमर पत्थर की मूर्ति शामिल है.

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अरुण योगीराज की मां ने क्या कहा

अरुण योगीराज की मां सरस्वती ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात की और कहा कि यह हमारे लिए सबसे खुशी का पल है, मैं उन्हें मूर्ति बनाते हुए देखना चाहती थी, लेकिन उन्होंने कहा कि वह मुझे आखिरी दिन ले जाएंगे, मैं स्थापना के दिन जाऊंगी. इधर, योगीराज ने कहा कि उन्हें अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है कि उन्होंने जो मूर्ति बनाई थी उसे स्वीकार कर लिया गया है या नहीं… हालांकि, बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया पर मैसेज पोस्ट किया, जिससे उन्हें विश्वास हो गया कि उनके काम को स्वीकार कर लिया गया है.

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कर्नाटक के पूर्व सीएम येदियुरप्पा ने क्या कहा

इधर, बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि राज्य के जानेमाने मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई ‘रामलला’ की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर में की जाएगी. येदियुरप्पा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लोगों से खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैसूरु के मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई भगवान राम की मूर्ति का चयन अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए किया गया है. इससे राज्य के श्रीराम का गौरव और प्रसन्नता दोगुनी हो गई है. आगे उन्होंने लिखा कि मूर्तिकार योगीराज अरुण को हार्दिक बधाई…

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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