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अस्पतालकर्मी ही कर रहा था रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी, ब्लैक में 30-40 हजार रुपये में बेचता था दवा, पुलिस ने पकड़ा तो कबूली यह बात

Updated at : 06 May 2021 3:20 PM (IST)
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अस्पतालकर्मी ही कर रहा था रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी, ब्लैक में 30-40 हजार रुपये में बेचता था दवा, पुलिस ने पकड़ा तो कबूली यह बात

पूरे देश में कोरोना का कहर है. हर दिन संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है. अस्पतालों में ऑक्सीजन और लाइफ सेविंग रेमडेसिविर इंजेक्शन की घोर कमी है. लेकिन ऐसे माहौल में भी कुछ लोग कालाबाजारी से बाज नहीं आ रहे हैं. ताजा मामला यूपी के गौतमबुद्ध नगर का है. जहां रेमडेसिविर दवा की कथित कालाबाजारी अस्पताल के कर्मी ही कर रहे थे.

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पूरे देश में कोरोना का कहर है. हर दिन संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है. अस्पतालों में ऑक्सीजन और लाइफ सेविंग रेमडेसिविर इंजेक्शन की घोर कमी है. लेकिन ऐसे माहौल में भी कुछ लोग कालाबाजारी से बाज नहीं आ रहे हैं. ताजा मामला यूपी के गौतमबुद्ध नगर का है. जहां रेमडेसिविर दवा की कथित कालाबाजारी अस्पताल के कर्मी ही कर रहे थे. इस मामले में अस्पतालकर्मी सहित 3 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुआः गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस को रेमडेसिविर इंजेक्शन की पांच खुराक बरामद हुए हैं. गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम नईम, निसार और प्रवेश हैं. वहीं, पुलिस उपायुक्त हरिश चंदर ने इस मामले में बताया कि एक सूचना के बाद नोएडा फेस- 2 थाना पुलिस ने इनकी तालाशी ली तो इनके पास से रेमडेसिविर दवा की खुराकें मिली.

पूछताछ में हुआ खुलासाः पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों से पूछताछ की गई तो पता चला है कि नईम ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में काम करता है. वहीं, मामले का दूसरा आरोपी प्रवेश मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव है.

30 से 40 हजार रुपये में बेचते थे इंजेक्शनः ये तीनों आरोपी इतने शातिर थे कि रेमडेसिविर इंजेक्शन को जरूरतमंदों को काफी उंचे दामों पर इसे बेच देते थे. पुलिस के सामने पूछताछ में इन्होंने कबूल किया है कि इंजेक्शन को 30 से 40 हजार रुपये में ये बेचते थे. वहीं, इस मामले में पुलिस और जांच कर रही है.

कहां से लाते थे रेमडेसिविर इंजेक्शन, पता लगा रही है पुलिसः पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि ये रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारपी करते थे. वहीं अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्हें इंजेक्शन मिलता कहां से था. कौन इन्हें यह दवा सप्लाई करता था पुलिस यह पता लगाने में जुटी है. वहींस पुलिस ने आशंका जताई है कि इस कालाबाजारी के खेल में अस्पतालों में बने मेडिकल स्टोर के संचालक के साथ साथ कुछ और अस्पताल कर्मी भी शामिल हो सकते हैं.

भाषा इनपुट के साथ

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Posted by: Pritish Sahay

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