कानपुर पुलिस लाइन में बैरक की छत गिरी, एक सिपाही की मौत, तीन की हालत बेहद नाजुक

Updated at : 25 Aug 2020 11:46 AM (IST)
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कानपुर पुलिस लाइन में बैरक की छत गिरी, एक सिपाही की मौत, तीन की हालत बेहद नाजुक

कानपुर : पुलिस लाइन की बैरक नंबर एक का बरामदा अचानक ढह गया. हादसे में एक सिपाही की मौत हो गयी, जबकि तीन अन्य सिपाही गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसमें से दो ही हालत बेहद नाजुक है.

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कानपुर : पुलिस लाइन की बैरक नंबर एक का बरामदा अचानक ढह गया. हादसे में एक सिपाही की मौत हो गयी, जबकि तीन अन्य सिपाही गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसमें से दो ही हालत बेहद नाजुक है. हादसे की सूचना पर एडीजी जय नरायन सिंह, आइजी मोहित अग्रवाल, एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह मौके पर पहुंचे. मलबे को हटाया जा रहा है. अधिकारियों ने मलबे में किसी भी सिपाही के फंसे होने की संभावनाओं से इनकार किया है. एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो सिपाहियों की हालत नाजुक है.

1948 में बैरकों का कराया गया था निर्माण

पुलिस लाइन में वर्ष 1948 में चार बैरकों का निर्माण कराया गया था। दो मंजिला यह चारों बैरक पुलिस लाइन की सबसे पुराने इमारतों में हैं. इनमें से बैरक नंबर एक बेहद जर्जर हालत में थी. बैरक के हाल के अलावा सिपाही यहां के बरामदों के नीचे भी अपनी चारपाई डाले हुए हैं. बताते हैं कि इस बरसात में कमरे व बरामदे की छत से पानी चूने की शिकायतें सिपाहियों ने की थी, लेकिन पर उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. देर रात लगभग 11 बजे ग्राउंड फ्लॉर के बरामदे में तीन सिपाही सो रहे थे. वहीं ऊपर पहले माले के बरामदे में पांच लोग सो रहे थे. एकाएक जर्जर बैरक के पहले माले का बरामदा भरभरा कर ढह गया। घटना में मैनपुरी के लालपुर गांव निवासी अरविंद सिंह की मौत हो गई. नीचे सोने वाले तीन सिपाही बुरी तरह से घायल हो गए. जो सिपाही पहले माले से गिरे वह चुटहिल हुए.

किसकी हुई मौत, कौन हुए घायल

बताते हैं कि सिपाही अरविंद पुत्र लालता प्रसाद निवासी लालपुर, वेवर जिला मैनपुरी का बेड पहली मंजिल के बरामद में था. सबसे पहले उसी के हिस्से वाली छत गिरी. वह चारपाई सहित नीचे आ गिरा. इसके अलावा नीचे सो रहे सिपाही राकेश पुत्र रामभरोसे निवासी नगला गंगू अछल्दा औरैया, अमृत लाल पुत्र मंगल प्रसाद निवासी इटैलीपुर सैनी, कौशाम्बी व मनीष कुमार भी गंभीर रूप से घायल हो गए. मनीष कुमार साथियों मलबे में दबे साथियों को निकालने में सिर पर ईंट गिरने से घायल हो गया. उपचार के दौरान अरविंद की मृत्यु हो गई, जबकि राकेश व अमृत लाल की हालत गंभीर बनी हुई है. अमृत लाल चौबेपुर थाने में तैनात थे और बिकरू कांड में लाइन हाजिर होकर पुलिस लाइन पहुंचे थे.

250 लोग रहते हैं बैरक में

पुलिस लाइन की बैरक नम्बर 1 में अकेले बरामदा 40 फिट लम्बा और 10 फिट चौड़ा जिसमें 250 लोग रह रहे हैं. सभी के लिए वहां पर हॉल और कमरे की व्यवस्था है मगर बैरक जर्जर थी. वहीं गर्मी के कारण कुछ लोग बरामदे में सोते थे. घटना के बाद एसपी पश्चिमी डा. अनिल कुमार ने पब्लिक एडरस सिस्टम का प्रयोग कर पूरी बैरक को खाली करा दिया. सिपाहियों का सामान अंदर ही है. फायर ब्रिगेड की मदद से सामान को बाहर निकाला जाएगा.

posted by ashihs jha

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