हॉस्पिटल में आग लगने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क, अस्पतालों में अधूरे मानक मिलने पर पंजीकरण होगा रद्द

आगरा के नरिपुरा क्षेत्र में आज सुबह तड़के एक अस्पताल में आग लग गई. आग लगने की वजह से अस्पताल में धुआं भर गया और अस्पताल के संचालक व उनके एक बेटे और बेटी की दम घुटने की वजह से मौत हो गई. घटना की सूचना पर क्षेत्रीय पुलिस के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जांच-पड़ताल में जुट गए.
Agra Fire News: ताजनगरी के एक हॉस्पिटल में आग लगने की वजह से संचालक और उनके पुत्र व पुत्री की दम घुटने से मौत हो गई. इस घटना से स्वास्थ्य विभाग की भी नींद खुल गयी है. अब स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों पर जांच कर कार्रवाई की बात कह रहा है. इसके लिए विभाग ने आईएमए से भी सहयोग मांगा है. इससे किसी भी अन्य अस्पताल में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने पाए.
आगरा के नरिपुरा क्षेत्र में आज सुबह तड़के एक अस्पताल में आग लग गई. आग लगने की वजह से अस्पताल में धुआं भर गया और अस्पताल के संचालक व उनके एक बेटे और बेटी की दम घुटने की वजह से मौत हो गई. घटना की सूचना पर क्षेत्रीय पुलिस के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जांच-पड़ताल में जुट गए. इस घटना के बाद अस्पताल में आग से बचने के इंतजाम न होने व अस्पताल संचालित होने में कई तरह की लापरवाही भी सामने आ सकती हैं. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना से सबक लेकर इस तरह के अस्पतालों की जांच-पड़ताल करने की बात कही है.
जिले के आर मधुराज हॉस्पिटल में हुई इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब आगरा के तमाम ऐसे हॉस्पिटलों की जांच पड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिन अस्पतालों में आवश्यक मानक पूरे नहीं होंगे उन अस्पतालों के पंजीकरण का नवीनीकरण रद्द कर दिया जाएगा और उन पर कार्रवाई भी की जाएगी. आगरा के सीएमओ डॉ अरुण श्रीवास्तव ने इस जांच में सहयोग के लिए आईएमए के पदाधिकारियों से भी संपर्क किया है. उन्होंने बताया कि जिस अस्पताल में आग लगी है वह स्वास्थ विभाग के मानकों पर खरा नहीं था. बल्कि उसमें आवास बनाकर डॉक्टर के परिवार के लोग रह रहे थे इसलिए उसकी जांच कराई जाएगी. वहीं उन्होंने बताया कि स्वास्थ विभाग से आगरा में करीब 1131 क्लीनिक अस्पताल और पैथोलॉजी पंजीकृत हैं जिसमें से 412 अस्पताल हैं. अब स्वास्थ्य विभाग इन सभी अस्पतालों की अभियान चलाकर जांच करेगा. जिन अस्पतालों में आवश्यक मानक पूरे नहीं मिलेंगे उन अस्पतालों पर सीलिंग की कार्रवाई भी की जा सकती है.
सीएमओ अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान चलाकर अस्पतालों को चिन्हित किया जाएगा. जांच में जिन नियमों को देखा जाएगा वह निम्न प्रकार से होंगे- बेसमेंट में चलने वाले अस्पताल, आवासीय इलाकों में संचालित अस्पताल, अस्पताल के बाहर चौड़ी सड़क ना होना, अस्पताल तक एंबुलेंस के पहुंचने का रास्ता ना होना, अस्पताल में अग्निशमन यंत्र ना होना व अस्पताल में हवादार कमरे ना होना. ऐसे जो भी अस्पताल पाए जाएंगे उन सभी के पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं होगा.
अभी कुछ समय पहले ही आगरा विकास प्राधिकरण ने अग्निशमन सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील करीब 18 अस्पतालों, होटलों और अपार्टमेंट पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इन सभी निर्माणों पर विभाग ने सील लगाने की संस्तुति करते हुए कार्रवाई की रिपोर्ट मंडल आयुक्त को सौंपी थी. जिसमें लोटस हॉस्पिटल, पुष्पांजलि हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल, जीवन ज्योति हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड, सिनर्जी प्लस हॉस्पिटल, प्रभा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर शामिल है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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