Kanpur Violence: शासन के आदेश के बाद हिंसा के आरोपी को दूसरी जेल में शिफ्ट, जानें क्‍यों?

Updated at : 20 Jun 2022 3:23 PM (IST)
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Kanpur Violence: शासन के आदेश के बाद हिंसा के आरोपी को दूसरी जेल में शिफ्ट, जानें क्‍यों?

कानपुर हिंसा में पुलिस ने हयात जफर हाशमी को मुख्य आरोपित बनाया है. जावेद अहमद खां, मोहम्मद सुफियान और मोहम्मद राहिल सह अभियुक्त की भूमिका में हैं. सुरक्षा कारणों से हयात जफर हाशमी को चित्रकूट, मोहम्मद राहिल को पीलीभीत, मोहम्मद सुफियान को सोनभद्र, जावेद अहमद खां को बस्ती जेल ट्रांसफर किया गया है.

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Kanpur Violence: कानपुर में 3 जून को जुमे की नमाज के बाद दो समुदायों में हुई हिंसा के मास्टरमाइंड समेत 8 आरोपियों को सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कानपुर जेल से हटाकर दूसरी जेलों में शिफ्ट किया गया है. इसमें एक पीएफआई सदस्य भी शामिल है. पेशी पर सभी आरोपी अलग-अलग जेलों से कोर्ट पहुंचेंगे. पुलिस सूत्रों का कहना है कि 16 जून को कानपुर हिंसा के आरोपितों को दूसरी जेल भेजने का आदेश आया था. इसके बाद गार्ड लगाकर सभी 8 आरोपियों को यहां से ट्रांसफर किया गया है.

खुफ‍िया एजेंसी की रिपोर्ट में लिया निर्णय

कानपुर हिंसा में पुलिस ने हयात जफर हाशमी को मुख्य आरोपित बनाया है. वहीं, जावेद अहमद खां, मोहम्मद सुफियान और मोहम्मद राहिल सह अभियुक्त की भूमिका में हैं. सुरक्षा कारणों से हयात जफर हाशमी को चित्रकूट, मोहम्मद राहिल को पीलीभीत, मोहम्मद सुफियान को सोनभद्र, जावेद अहमद खां को बस्ती जेल ट्रांसफर किया गया है. कानपुर हिंसा के आठ उपद्रवियों को दूसरी जेल भेजने का फरमान शासन ने खुफिया एजेंसी (इंटेलिजेंस) की रिपोर्ट पर लिया है.

मिलने वालों की बढ़ रही संख्‍या

खुफिया इकाई ने अपनी रिपोर्ट में शासन को भेजी थी. उसका जिक्र किया था कि सभी एक जेल में बंद हैं. इससे सुरक्षा संबंधी खतरा ज्यादा बढ़ गया है. साथ ही, अस्थिरता का माहौल बना है. इसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए शासन की तरफ से दूसरी जेलों में शिफ्ट करने का आदेश दिया गया. हयात जफर और उसके चार साथियों के जेल जाने के बाद उनसे मिलने के लिए प्रतिदिन कई लोगों के प्रार्थना पत्र पहुंच रहे थे. जेल में भी अस्थिरता का माहौल बनने लगा था.

‘मेरी फैन फॉलोव‍िंग कम न होगी’

इसके बाद स्थितियां हाथ से निकलती दिखाई दे रही थीं. शासन को इसकी सूचना होने के बाद इंटेलीजेंस यूनिट को इस पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए. इसके बाद एक सप्ताह जांच करने के बाद इंटेलीजेंस यूनिट ने अपनी रिपोर्ट तैयार की और शासन को सौंप दी. जेल सूत्रों के मुताबिक, किसी आरोपित ने दूसरी जेल जाते वक्त कुछ नहीं कहा, मगर जावेद अहमद खां ने जेल में मौजूद कुछ कर्मचारियों को बोला, ‘इससे भी कुछ नहीं होगा. हिंदुस्तान की किसी भी जेल में डाल दो, मेरी फैन फॉलोइंग कम नहीं कर पाओगे.’

रिपोर्ट : आयुष तिवारी

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