GIS 2023: ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 10 से 12 फरवरी को, 10 लाख करोड़ डॉलर निवेश का लक्ष्य

सीएम योगी आदित्यनाथ ने ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (Global Investors Summit) 2023 का खाका खींच दिया है. इस बार 10 लाख करोड़ डॉलर निवेश का लक्ष्य रखकर तैयारियां की जाएंगी. इसमें भारत सरकार का सहयोग लेने के निर्देश सीएम ने दिये हैं.
Lucknow: ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (Global Investors Summit) 2023 राजधानी लखनऊ में 10 से 12 फरवरी तक होगा. मुख्यमंत्री आवास पर गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने इन तारीखों का एलान किया. इस समिट के माध्यम से यूपी में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य रखा गया है. समिट के लिये कई देशों में रोड शोक होगा. सिंगापुर, फ्रांस, यूके, मॉरीशस ने समिट में पार्टनर कंट्री बनने का प्रस्ताव दिया है.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी औद्योगिक निवेश के ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में उभर कर आया है. उन्होंने कहा कि नीदरलैंड, कनाडा, यूएसए, जापान, इजरायल, स्वीडन, थाईलैंड, फ्रांस, सिंगापुर के राजदूतों व उच्चायुक्तों से भी संवाद किया जाये. 18 से अधिक देशों में रोड शो के लिये फिक्की और सीआईआई का भी सहयोग लिया जाये. अंतरराष्ट्रीय रोड शो में सरकार के मंत्री प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर के रूप में जाएंगे. इसके अलावा देश में दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता, बंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में भी रोड शो का आयोजन होगा.
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की 6वीं अर्थव्यवस्था से दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है. आगामी 10, 11 और 12 फरवरी 2023 को उत्तर प्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट अभूतपूर्व होगा, ऐतिहासिक होगा और नए “उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं को उड़ान” देने वाला होगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रोड शो के माध्यम से विभिन्न देशों के औद्योगिक जगत में उत्तर प्रदेश के ग्लोबल इंवेस्टर समिट के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सकेगा. रोड शो के लिए देशों और शहरों का चयन करते हुए विस्तृत रूट तय कर लिया जाए. इस समिट का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये. रोड शो भव्य हो, हमें प्रदेश के बेहतरीन औद्योगिक माहौल के साथ-साथ अपनी संस्कृति की भी ब्रांडिंग करनी चाहिये.
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय रोड शो में मंत्रीगण यूपी के ब्रांड एंबेस्डर के रूप में जाएंगे. रोड शो का रूट तय करते हुए संबंधित देश से जिस सेक्टर में निवेश संभावित हो, उस सेक्टर के विशेषज्ञों को टीम में शामिल करें. मंत्रीगणों के नेतृत्व में जाने वाले समूह का निर्धारण जल्द कर लिया जाए.
पीएम मोदी के मार्गदर्शन में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ने अपनी औद्योगिक निवेश नीतियों को व्यवहारिक बनाया है. प्रदेश की नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति के साथ-साथ ईवी पॉलिसी, टॉय, टेक्सटाइल, फार्मा, स्टार्टअप, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी सहित 30 से अधिक सेक्टरोल पॉलिसी को इंवेस्टर्स समिट से पहले तैयार कर प्रस्तुत किया जाये. पॉलिसी के प्रावधान प्रैक्टिकल हों, रोजगार सृजित करने वाले हों और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करती हों.
सीएम ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि प्राथमिक आवश्यकता है. समिट से पहले हमें लैंड बैंक को और विस्तार देना होगा, ताकि जो भी निवेशक यहां आएं तो उन्हें निवेश के लिए भूमि की कोई समस्या न हो. इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए. भारत सरकार से संवाद बनाकर आवश्यक मार्गदर्शन लेने के निदेश भी सीएम योगी ने दिये.
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