मिसाल: राममंदिर निर्माण के लिए आगे आयी मुस्लिम महिला, नाम मिला 'ठकुराइन सिया दुलारी'

Published by :Amitabh Kumar
Published at :07 Mar 2020 8:04 AM (IST)
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मिसाल: राममंदिर निर्माण के लिए आगे आयी मुस्लिम महिला, नाम मिला 'ठकुराइन सिया दुलारी'

राम मंदिर के निर्माण कार्य की जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग के साथ करीब 50 मुस्लिम महिला-पुरुषों का एक दल अयोध्या पहुंचा है. दल ने गुरुवार को निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास और श्री राम अयोध्या तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष संत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की और जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण शुरू करने का आह्वान किया.

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राम मंदिर के निर्माण कार्य की जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग के साथ करीब 50 मुस्लिम महिला-पुरुषों का एक दल अयोध्या पहुंचा है. दल ने गुरुवार को निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास और श्री राम अयोध्या तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष संत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की और जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण शुरू करने का आह्वान किया. इस मुलाकात के दौरान अद्भुत दृश्य उस समय नजर आया जब संत नृत्य गोपाल दास ने शन्नो खान नाम की एक मुस्लिम महिला को ‘ठकुराइन सिया दुलारी’ का नया नाम दे दिया. इस नये नाम को पाकर मुस्लिम महिला भी गदगद नजर आयी.

ठकुराइन सिया दुलारी नाम पाने वाली मुस्लिम महिला ने राम मंदिर के जल्द निर्माण की मांग के साथ-साथ नागरकिता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में धरने पर बैठीं महिलाओं की जमकर आलोचना की. यही नहीं कई अन्य मुस्लिम मौलाना और मुस्लिम धर्म से जुड़े मुस्लिम बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने भी शाहीन बाग जैसे आंदोलनों की आलोचना की और राम मंदिर का समर्थन करते हुए मुस्लिम धर्म के लोगों को आपसी भाईचारे बनाये रखने की बात कही जो अब तक अयोध्या की खास परंपरा रही है.

सीएए पर प्रदर्शन कर रही महिलाओं के बारे में शन्नो खान ने कहा कि पता नहीं वे कौन लोग हैं जो ऐसा कर रहे हैं. हम लोगों की नागरिकता छीनने के लिए थोड़े ही यह काम हो रहा है. नागरिकता उन्हें दी जाएगी जो शरणार्थी बाहर से आ रहे हैं. हमारा तो हिंदुस्तान वतन है हमें थोड़े ही निकाला जा रहा है. हमें अमन और शांति फैलाना चाहिए.

राम मंदिर ट्रस्ट का अकाउंट हुआ एक्टिव

रामलला के लिए स्थायी मंदिर निर्माण हेतु गुरुवार को ‘श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट’ के नाम से एसबीआइ के अयोध्या ब्रांच में एक चालू खाता एक रुपये के शुरुआती जमा के साथ खोला गया. पहले सभी दान 27 साल पुराने एक खाते में जमा कराये जा रहे थे जिसे विवादित स्थल के रिसीवर यानी कमिश्नर द्वारा संचालित किया जाता था.

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डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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