ATEWA News: नई पेंशन से जीना हुआ मुश्किल, इलाज भी नहीं करा पा रहे रिटायर कर्मचारी

अटेवा (ATEWA) ने अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस (International Older Person Day) के अवसर पर डॉ. राम आशीष सिंह की स्मृति में पेंशनर्स सम्मान समारोह का आयोजन किया. कृषि निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में रिटायर कर्मचारियों नई पेंशन स्कीम को कर्मचारियों के लिये दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
Lucknow: अटेवा पेंशन बचाओ मंच (ATEWA) ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस के मौके पर शनिवार को यूपी के सभी जिलों में शहीद डॉ. राम आशीष सिंह की स्मृति में पेंशनर्स सम्मान समारोह का आयोजन किया. लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में पेंशनर एपी यादव ने कहा कि हम सभी समान हैं. लेकिन नयी पेंशन (New Pension Scheme) व्यवस्था ने हमारे बीच विभेद पैदा कर दिया है. हमें पेंशन प्राप्त हो रही है हम सौभाग्यशाली हैं. हमारे अग्रजों को भी पेंशन मिले, इसके लिए हमें मिलकर लड़ना होगा तभी कुछ बात बनेगी.
अटेवा (ATEWA) के प्रदेश महामंत्री व NMOPS के राष्ट्रीय सचिव डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने पेंशनरों को सम्मानित करते हुए कहा कि अटेवा शिक्षकों व कर्मचारियों की बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा पुरानी पेंशन की लड़ाई लड़ रहा है. क्योंकि पुरानी पेंशन (Old Pension Scheme) ही बुढ़ापे का सम्मान है. आज जो कर्मचारी व शिक्षक पुरानी पेंशन पा रहे है वह सम्मानित जीवन गुजार रहे हैं.
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विशिष्ट अतिथि अटेवा (ATEWA)के प्रदेश मीडिया प्रभारी व NMOPS के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि अटेवा अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के मौके पर सरकार से मांग करता है कि वह न्यू पेंशन स्कीम (New Pension Scheme) को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करें. जो शिक्षक व कर्मचारी NPS से रिटायर हो रहे हैं, वह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं. 600 से 800 रुपये पेंशन मिलने के कारण उनका गुजारा करना मुश्किल हो गया है.
पेंशनर सुधा उपाध्याय व राम अभिलाष तिवारी नयी पेंशन से सेवानिवृत्त हुए हैं. राम अभिलाष ने बताया कि उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन मात्र 750 रुपये मिलता है, तो मन करता है कि बेहतर होता कि हमें सरकार गोली मार देती. न इसमें हमारा गुजारा हो पाता है न ही हम किसी को बता पाते हैं कि हम पेंशनर्स हैं.
अपना दर्द बताते हुए सुधा उपाध्याय रो पड़ी, उन्होंने बताया कि हमें नयी पेंशन व्यवस्था के अंतर्गत मात्र 600 रुपये मिलती है. हम उसका क्या करें? जबकि हमारा इलाज ही महीने का 7000 रुपये है. हमें लिवर की बीमारी है. पति को पेंशन मिलती है तो इलाज हो रहा है, अन्यथा हम आज भीख मांगने को मजबूर होते.
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कृषि विभाग निदेशालय में आयोजित पेंशनर्स सम्मान समारोह में एपी यादव, महाराजदीन चौधरी, विजय शंकर सिंह, प्रेमचंद, डॉ. सुरेशपति त्रिपाठी, कैलाश यादव, अमरीश यादव, मीना मिश्रा, देवेंद्र कुमार द्विवेदी, राम दुलारे, धरम देव, राम दुलारे, दधीचि राय, एहरा रुज्जुमा, राम अभिलाष तिवारी बुजुर्ग पेंशनर्स का सम्मान किया गया.
अटेवा के जिला संयोजक सुनील वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में वाणिज्य कर विभाग के महामंत्री जेपी मौर्य, स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष संजय रावत, उप्र आवास विकास डिप्लोमा इंजीनियर संघ के मो. रिजवान, लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय, महामन्त्री अंशू केडिया, कृषि विभाग के हेमंत खड़का,लखनऊ विकास प्राधिकरण से आनंद मिश्रा भी मौजूद थे. कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यह पीढ़ियों की लड़ाई है. इसलिए हम सभी अटेवा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पुरानी पेंशन की बहाली तक संघर्ष करेंगे.
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश मंत्री डॉ. रमेश चंद्र त्रिपाठी, प्रदेश कोषाध्यक्ष विक्रमादित्य मौर्य, प्रदेश संगठन मंत्री रजत प्रहरी, प्रदेश संगठन मंत्री रवींद्र वर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र यादव, पंकज गुप्ता, दयाशंकर, डॉ. उमाशंकर, नरेंद्र कुमार वर्मा, हरे गोविंद, विवेक गुप्ता धीरेंद्र शुक्ला, मनोज कुमार, मिथुन वर्मा, विजय कुमार, सुरेश कुमार, ललित कुमार, दीपक यादव, सुरेंद्र नाथ, कुलदीप कुमार, राम सजीवन पाल, संगीता आदि मौजूद थे.
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